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उन्नाव के पुरवा तहसील क्षेत्र में सई नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई जगह सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है। सैकड़ों घरों में पानी घुसने का दावा ग्रामीणों ने किया है। खेतों में खड़ी फसलें भी जलमग्न हैं। कमर तक पहुंचा पानी, सड़क पर भी बहाव लोहरामऊ गांव निवासी अवनीश ने बुधवार दोपहर बताया कि नदी का पानी कमर तक पहुंच गया है। सड़क के ऊपर से भी पानी बह रहा है। उनके अनुसार, करीब पांच से छह किलोमीटर क्षेत्र में पानी भरा है। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। कई मकानों के अंदर भी पानी पहुंच गया है। 20 से 25 घरों में पानी घुसने का दावा लोहरामऊ निवासी रंजीत शर्मा के अनुसार, गांव के करीब 20 से 25 घर पानी में डूबे हैं। आसपास के गांवों में भी करीब 150 से 200 घरों में पानी भरने का दावा किया गया है। उनका कहना है कि अभी तक कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सूचना के बाद लेखपाल आए थे और स्थिति देखकर लौट गए। बाढ़ के बाद सर्वे की बात ग्रामीणों के मुताबिक, लेखपाल ने पानी उतरने के बाद दोबारा सर्वे कराने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण रहने और खाने-पीने की परेशानी बढ़ गई है। लोग जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहे हैं। 100 से 150 गांव प्रभावित होने का दावा ग्रामीणों के अनुसार, लोहरामऊ की आबादी करीब 1,400 से 1,500 है। सई नदी के किनारे आसपास के करीब 100 से 150 गांवों में बाढ़ का असर होने का दावा किया गया है। इन गांवों में 20 से 25 हजार लोगों के प्रभावित होने की बात ग्रामीण कह रहे हैं। हालांकि, प्रभावित गांवों और आबादी का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। अधिकारियों के न पहुंचने का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद तहसीलदार, नायब तहसीलदार या एसडीएम स्तर का अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि समय रहते राहत और बचाव के इंतजाम होने चाहिए थे। एसडीएम बोले- जहां समस्या, वहां प्रबंधन कराया एसडीएम पुरवा दिग्विजय सिंह ने बताया कि जहां बाढ़ की समस्या है, वहां प्रबंधन कराया गया है। पानी उतरने के बाद फसलों और मकानों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा।
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सई नदी का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ की चपेट में गांव:घरों में घुसा पानी, खेतों में खड़ी फसल डूबी; सड़क के ऊपर बह रहा पानी
