चंडीगढ़ | हरियाणा में मृत्यु के कारणों की जानकारी बेहतर करने के लिए रोहतक में आईसीएमआर-वित्तपोषित वर्बल ऑटोप्सी परियोजना का पायलट परीक्षण होगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि एम्स, नई दिल्ली और स्वास्थ्य विभाग की इस परियोजना में करीब 5,000 मौतों को शामिल किया जाएगा। स्वास्थ्यकर्मी मोबाइल एप के जरिए परिजनों से साक्षात्कार करेंगे, जिसकी समीक्षा मेडिकल ऑफिसर करेंगे। परियोजना करीब आठ माह चलेगी।
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रोहतक में होगा वर्बल ऑटोप्सी पायलट परीक्षण, अधिकारी जुटाएंगे जानकारी
