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'7 हजार से अधिक नए उद्यमियों को पहली किस्त':CM सम्राट चौधरी बोले- बिहार के युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें




बापू सभागार में आज मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभार्थियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। इस दौरान प्रशिक्षण पूरा कर चुके पात्र लाभार्थियों को कारोबार शुरू करने के लिए योजना की पहली किस्त की राशि उनके बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। 7 हजार से अधिक लाभार्थियों को पहली किस्त का लाभ दिया गया। राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किया गया। पहली किस्त के रूप में करीब 2 लाख रुपए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत लाभार्थियों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 5 लाख रुपए का ब्याज-मुक्त ऋण और 5 लाख रुपए का सरकारी अनुदान शामिल है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले पात्र लाभार्थियों को कारोबार शुरू करने की शुरुआती जरूरतों को पूरा करने के लिए करीब 2 लाख रुपए की पहली किस्त सीधे बैंक खाते में भेजी जा रही है। कारोबार शुरू करने से पहले दी गई जरूरी जानकारी कार्यक्रम में लाभार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। उद्योग विभाग के विशेषज्ञों ने नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्हें उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया, दस्तावेज, वित्तीय प्रबंधन और सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता के बारे में बताया गया। लाभार्थियों को यह भी समझाया गया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि का इस्तेमाल किस तरह योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि कारोबार को मजबूत आधार मिल सके और आगे उसे बढ़ाने में परेशानी न हो। कारोबार शुरू करने के साथ विस्तार की भी तैयारी ओरिएंटेशन कार्यक्रम में लाभार्थियों को सिर्फ कारोबार शुरू करने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि उसे आगे बढ़ाने की रणनीति के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने व्यवसाय के विस्तार, तकनीकी सहयोग और सरकार की ओर से उपलब्ध अन्य आर्थिक और तकनीकी सहायता के बारे में बताया। 45 हजार से ज्यादा युवाओं को मिला योजना का लाभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत अब तक 45 हजार से अधिक युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए सहायता दी जा रही है। इनमें अनुसूचित जाति और जनजाति के 7 हजार 395, अतिपिछड़ा वर्ग के 10 हजार, महिलाओं के 9 हजार 500, युवाओं के 9 हजार और अल्पसंख्यक वर्ग के 2 हजार 500 उद्यमी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन लाभार्थियों को करीब 3 हजार 500 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज भी 7 हजार से अधिक लाभार्थियों को योजना की किस्त की राशि दी गई है। हर जिले में खुलेंगे एमएसएमई केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर जिले में एमएसएमई केंद्र खोले जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उद्यमियों को जरूरी मार्गदर्शन और सहायता मिलेगी। इससे युवाओं और नए उद्यमियों को अपना कारोबार शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के युवाओं और महिलाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। सरकार चाहती है कि युवा बिहार में ही उद्योग और व्यवसाय शुरू करें और दूसरे लोगों को भी रोजगार दें। उन्होंने कहा कि बिहार को देश के समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए उद्योग, रोजगार, शिक्षा और आधारभूत संरचना समेत कई क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए अगले पांच वर्षों में बिहार में बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जाएंगे। हाईवे, एक्सप्रेस-वे और मेट्रो से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योग और रोजगार के लिए जरूरी आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। बिहार में हाईवे और एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। पटना मेट्रो का काम भी आगे बढ़ रहा है। इन परियोजनाओं से राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े काम मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में भी तेजी से काम किया जा रहा है। राज्य में 700 स्थानों पर पीएम सेतु निर्माण कार्यक्रम चल रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। ई-पाठ के माध्यम से विद्यार्थियों को 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा मिलेगी। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 211 डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं। आने वाले समय में विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार कॉलेजों में नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। बिहार में बने सामान की सरकारी खरीद में प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में तैयार होने वाले उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने की दिशा में काम किया जा रहा है। Purchase Preference Act के तहत बिहार में बने उत्पादों की सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मोड में 5 लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। अगले पांच वर्षों में उद्योगों के लिए 20 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा। कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। अगले एक वर्ष में सभी कृषि फीडरों को 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों को खेती के लिए बेहतर बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। योजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां लगाए गए उत्पादों की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार उद्यमिता को बढ़ावा देती रहेगी। सरकार का उद्देश्य है कि लोग अपना व्यवसाय शुरू करें, आर्थिक रूप से मजबूत बनें और खुद के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार देने में सक्षम हों।



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