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60 साल राज करने वाली पार्टी राजस्थान में राम भरोसे:बोले- राजस्थान में कांग्रेस का कोई धनि धोरी नहीं, नेता जिस डाल पर बैठते हैं, उसी को काटते हैं



कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्होंने राजस्थान में कांग्रेस के नेतृत्व और कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने 60 साल तक देश पर राज किया, आज उसकी राजस्थान में कोई धनी-धोरी नहीं है और पार्टी राम भरोसे हो गई है। विश्वेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता जिस डाल पर बैठते हैं, उसी को काटते हैं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के कर्ताधर्ताओं को अहम और वहम की राजनीति से बाहर निकलने की नसीहत भी दी। पार्टी में वरिष्ठता का मान-सम्मान नहीं विश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पार्टी में स्वाभिमानी व्यक्तियों का दम घुट रहा है। वरिष्ठता का कोई मान-सम्मान नहीं है और युवाओं को मार्गदर्शन देने वाला कोई नहीं है। उन्होंने नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए भी पार्टी में सोच विकसित करने की जरूरत बताते हुए इस मामले में आलाकमान से ध्यान देने की अपील की। मैंने हमेशा सही का साथ दिया पूर्व मंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा- वह अपने इष्ट श्री गिरिराज धनी के सेवक हैं और हमेशा सही के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा- दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता की आवाज को परम पिता परमेश्वर का आदेश मानते हुए सेवा की है और अंतिम सांस तक करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विधायक, सांसद और मंत्री सहित सार्वजनिक जीवन में मिली सभी जिम्मेदारियों को ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ निभाया। उनके अनुसार, वह झूठ, फरेब और बेईमानी से दूर रहकर धर्म की राह पर चले और जनहित में काम किया। स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया विश्वेंद्र सिंह ने लिखा कि उन्होंने अपने पुरखों की मान-मर्यादा को ध्यान में रखकर फैसले किए। नेकी, सेवाभाव, सहजता और सरलता की विरासत को आगे बढ़ाया तथा स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि जीवन में अंतरात्मा की आवाज सुनकर निर्णय लिए और अपने उसूलों व आदर्शों पर कायम रहे। वफादारी की कीमत चुकानी पड़ी, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की। चापलूसी मेरे खून में नहीं उन्होंने कहा- वह कार्यकर्ताओं के बीच रहे हैं और आगे भी रहेंगे। चापलूसी करना उनके स्वभाव में नहीं है। उन्होंने खुद को अनुशासित सिपाही बताते हुए कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन बेदाग रहा है और आगे भी वह स्वच्छ राजनीति के रास्ते पर चलेंगे। उनके मुताबिक, उनके चाल, चरित्र और चेहरे में कभी कोई अंतर नहीं रहा। कार्यकर्ताओं के लिए घर के दरवाजे 24 घंटे खुले विश्वेंद्र सिंह ने कहा- उनके दिल और घर के दरवाजे कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा खुले रहे हैं और आगे भी खुले रहेंगे। जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें किसी से कोई अपेक्षा नहीं है। उन्होंने कहा कि अपना जीवन जनता की सेवा में बिताया है और अंतिम सांस तक ऐसा ही करते रहेंगे। इसके बदले उन्हें केवल जनता का प्यार और स्नेह चाहिए। राजनीतिक भविष्य का फैसला जनता पर छोड़ा पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें अपने इष्ट गिरिराज महाराज से हमेशा सत्य की राह पर बनाए रखने और अपनों के साथ रखने की प्रार्थना है। उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला भी जनता पर छोड़ते हुए कहा कि जनता का जो भी आदेश होगा, उसे वह शिरोधार्य करेंगे। किसान नेता की पोस्ट के बाद बढ़ी थी चर्चा दरअसल, पिछले दिनों किसान नेता नेम सिंह फौजदार की माता का निधन हुआ था। इसके कुछ दिन बाद विश्वेंद्र सिंह किसान नेता के गांव मवई में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन उनके घर नहीं गए। इसके बाद किसान नेता ने सोशल मीडिया पर विश्वेंद्र सिंह को लेकर पोस्ट की थी। विश्वेंद्र सिंह ने भी सोशल मीडिया के जरिए इसका जवाब दिया था। किसान नेता ने कांग्रेस जॉइन की हाल ही में नेम सिंह फौजदार ने जयपुर में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा उन्हें पार्टी का पटका पहनाते नजर आए। इसके बाद विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस की स्थिति और नेतृत्व को लेकर सोशल मीडिया पर नई पोस्ट की। पहले भी डोटासरा और जिलाध्यक्ष पर साधा था निशाना यह पहली बार नहीं है, जब विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी उन्होंने भरतपुर-डीग जिला कांग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। उन्होंने कांग्रेस से अलग होने की बात भी कही थी, हालांकि उस समय उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया था। ताजा पोस्ट के बाद प्रदेश कांग्रेस में उनकी नाराजगी एक बार फिर चर्चा में है। कांग्रेस से विश्वेंद्र सिंह ने कहा था अलविदा बीते कुछ दिनों पहले भी पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने भरतपुर, डीग जिला कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके साथ विश्वेंद्र सिंह कांग्रेस को अलविदा भी कहा था लेकिन, इस्तीफ़ा नहीं दिया था।



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