Headlines

दिल्ली हाईकोर्ट का अमिताभ बच्चन को निर्देश:खुद कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है; पर्सनैलिटी राइट्स और तस्वीरों के इस्तेमाल से जुड़ा मामला




दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा है कि अमिताभ बच्चन को अपना पर्सनैलिटी राइट्स केस जारी रखने के लिए खुद अदालत में पेश होना होगा। जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने यह निर्देश दिया। कोर्ट ने कुछ प्रतिवादियों के साथ हुए समझौते की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बच्चन को समय दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर एक या अधिक प्रतिवादियों के साथ समझौता नहीं होता और बच्चन केस आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो अगली सुनवाई में उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी होगी। अमिताभ बच्चन ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए स्थायी रोक लगाने की मांग करते हुए यह केस दायर किया था। समझौते की औपचारिकताएं पूरी नहीं हुईं कोर्ट को बताया गया कि कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता हो चुका है। हालांकि, अभिनेता की ओर से कुछ लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतों के कारण समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हो सके। 9 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान भी कोर्ट को बताया गया कि कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता हो गया है। हालांकि, औपचारिक समझौता अभी किया जाना बाकी है। कोर्ट ने आदेश दिया, “अगर समझौता नहीं होता या समझौता अधूरा रहता है और वादी किसी दावे या मुद्दे पर केस जारी रखना चाहता है, तो अगली सुनवाई में उसकी व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी होगी।” कोर्ट ने कहा कि इससे वह सिविल प्रोसीजर कोड, 1908 के Order X Rule 2 और Order V Rule 3 के साथ भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 168 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेगी। क्या है पूरा मामला? अमिताभ बच्चन ने साल 2022 में अपनी आवाज, नाम, चेहरे (इमेज) और पर्सनैलिटी के अन्य गुणों का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई लोग उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। कई फर्जी केबीसी (KBC) लॉटरी स्कैम, व्हाट्सएप मैसेज और मोबाइल ऐप्स में उनकी पहचान का गलत फायदा उठाया जा रहा था। इसके बाद नवंबर 2022 में कोर्ट ने उनके पक्ष में एक अंतरिम आदेश जारी किया था, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज या फोटो का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकता। कोर्ट ने संबंधित सरकारी विभागों और टेलीकॉम कंपनियों को भी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसमें शिकायत में बताए गए कुछ लिंक और वेबसाइट हटाने के साथ, ऐसे मैसेज फैलाने वाले फोन नंबरों को ब्लॉक करने की कार्रवाई शामिल थी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *