सिटी थान एसएचओ रोहताश की फाइल फोटो।
करनाल में सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोहतास को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है। उन पर एक पुराने आपराधिक मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं करने और काम में लापरवाही बरतने का आरोप है। इस मामले में हाई कोर्ट ने कई बार पुलिस से जवाब मांगा था, लेक
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2001 में दर्ज हुआ था लूट और हथियारों से जुड़ा मामला पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मामला करनाल के सिटी थाने में दर्ज मुकदमा नंबर 679 से जुड़ा है। यह मुकदमा 11 दिसंबर 2001 को दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 393, 397 और 394 के अलावा शस्त्र अधिनियम की धाराएं 25, 54 और 59 लगाई गई थीं। मुकदमे में वजीरा और कर्मवीर आरोपी थे। अदालत ने दोनों को 10-10 साल की सजा सुनाई थी।

करनाल एसपी करण गोयल की फाइल फोटो।
हाई कोर्ट के सवालों का जवाब देने में रही कमी इस मामले के संबंध में हाई कोर्ट की ओर से पुलिस से कई बार जवाब मांगा गया। अदालत पुलिस की ओर से दिए गए जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई। इसके चलते 14 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक करनाल को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए है। मामला पुराने आपराधिक मुकदमे में पुलिस की कार्रवाई और अदालत के सवालों का संतोषजनक जवाब देने में हुई चूक से जुड़ा है।
लापरवाही पर एसपी ने की कार्रवाई मामले में बरती गई लापरवाही और हाई कोर्ट में संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक करनाल ने इंस्पेक्टर रोहतास को निलंबित कर दिया। रोहतास करनाल के सिटी थाने में एसएचओ के पद पर तैनात थे। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को पुराने मामले में जिम्मेदारी निभाने में हुई चूक से जोड़कर देखा जा रहा है। एसपी करन गोयल ने बताया कि एसएचओ पर कार्रवाई की गई है।
