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मैहर जिले के अमरपाटन विकासखंड के शासकीय पीएम श्री उत्तर माध्यमिक विद्यालय करही में सरस्वती पूजा और कथित शुद्धिकरण को लेकर विवाद बढ़ गया है। प्राचार्य पर गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करने के आरोपों के बाद भीम आर्मी धरना देकर कार्रवाई की मांग कर चुकी है। अब अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज प्राचार्य के समर्थन में उतर आया है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि निर्दोष प्राचार्य के खिलाफ दबाव में कार्रवाई हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। भीम आर्मी के धरने के बाद ब्राह्मण समाज का विरोध विद्यालय में प्राचार्य का प्रभार सौंपने के दौरान गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किए जाने के आरोप सामने आए थे। भीम आर्मी ने इसे जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए धरना दिया और प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज का कहना है कि विद्यालय में सरस्वती पूजा के कार्यक्रम को शुद्धिकरण बताकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। समाज ने पूजा-पाठ की परंपरा को जातिगत भेदभाव से जोड़ने पर आपत्ति जताई है। ‘सरस्वती पूजा को जातिगत रंग दिया’ अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश सचिव सतीश चौबे ने आरोप लगाया कि भीम आर्मी ने सरस्वती पूजा के कार्यक्रम को जातिगत रंग दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए और बिना उचित आधार के किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। समाज ने कहा कि यदि जांच में प्राचार्य निर्दोष पाए जाते हैं और इसके बावजूद दबाव में कार्रवाई की जाती है, तो संगठन विरोध करेगा। ऐसी स्थिति में उग्र आंदोलन किया जाएगा। जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति इस मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक ओर गंगाजल छिड़कने की घटना को जातिगत भेदभाव से जोड़कर कार्रवाई की मांग की जा रही है, वहीं प्राचार्य का पक्ष है कि विद्यालय में सरस्वती पूजा हुई थी और उसे गलत तरीके से शुद्धिकरण से जोड़कर अफवाह फैलाई जा रही है। भीम आर्मी के धरने और ब्राह्मण समाज की आंदोलन की चेतावनी के बाद अब प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि विद्यालय में हुए कार्यक्रम की वास्तविक प्रकृति क्या थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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स्कूल प्राचार्य शुद्धिकरण विवाद में आमने-सामने आए दो संगठन:भीम आर्मी के धरने के बाद भड़का ब्राह्मण समाज; कहा-सरस्वती पूजा को दिया जातिगत रंग, हम भी बैठेंगे धरने पर
