Headlines

शेखपुरा में CEC के खिलाफ पोस्टर प्रदर्शन:दिल्ली आंदोलन का समर्थन, 13 अक्टूबर को राजभवन मार्च का आह्वान




शेखपुरा में वोट चोरी के आरोपों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में रविवार को शेखपुरा के दल्लू चौक पर भाकपा माले, आइसा-RYA कार्यकर्ताओं का पोस्टर प्रदर्शन । इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का आह्वान किया। नेताओं ने छात्र-नौजवानों से 13 अक्टूबर को पटना में प्रस्तावित राजभवन मार्च को सफल बनाने की अपील की। दिल्ली में आंदोलनकारियों पर कार्रवाई का लगाया आरोप भाकपा माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए आंदोलन में शामिल छात्र-नौजवानों, बुद्धिजीवियों, किसानों और मजदूरों को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि आंदोलनकारियों को रोकने के लिए मेट्रो और ट्रेनें रोकी गईं तथा छात्रों को हिरासत में लेकर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया। चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल माले नेता कमलेश प्रसाद ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गलत और गैरकानूनी कदम उठाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। छात्र-नौजवानों से राजभवन मार्च में शामिल होने की अपील आइसा के जिला संयोजक मो. रिक्की खान और RYA के जिला संयोजक प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि छात्र-नौजवानों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन करने वालों को हिरासत में लिया जा रहा है और झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है। नेताओं ने भाजपा सरकार पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने शेखपुरा जिले के छात्र-नौजवानों से 13 अक्टूबर को पटना में होने वाले राजभवन मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। कई छात्र और कार्यकर्ता हुए शामिल दल्लू चौक पर हुए प्रदर्शन में भाकपा माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय, माले नेता कमलेश प्रसाद, आइसा के जिला संयोजक मो. रिक्की खान और RYA के जिला संयोजक प्रवीण सिंह कुशवाहा सहित कई छात्र और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के आंदोलन के समर्थन और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *