![]()
पानीपत में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, शादी करने और दुष्कर्म के मामले में पानीपत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी साहिल को 10 साल की कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने विभिन्न धाराओं और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दोषी को 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अदालत के आदेश के अनुसार, अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। ये सजा फास्ट ट्रैक कोर्ट (पॉक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने सोमवार को सुनाई है। यह मामला वर्ष 2022 का है। चांदनी बाग थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की शिकायत पुलिस को दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में आरोपी साहिल निवासी ईदगाह कॉलोनी, हाल निवासी कुटानी रोड, सब्जी मंडी के नजदीक, पानीपत को गिरफ्तार किया गया था। पार्लर जाने के लिए घर से निकली थी नाबालिग पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, महिला ने 11 अक्टूबर 2022 को चांदनी बाग थाने में शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसकी बेटी 10 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे पार्लर जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश शुरू की तो पता चला कि साहिल उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। जांच के दौरान सामने आए अहम तथ्य पुलिस ने शिकायत के आधार पर 11 अक्टूबर 2022 को धारा 363 और 366 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग की तलाश की। 18 अक्टूबर 2022 को उसे पानीपत के सेफ हाउस से बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और मामले से संबंधित दस्तावेज और बयान अदालत में पेश किए। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य रखे। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। चार धाराओं में सुनाई गई सजा अदालत के सजा आदेश के अनुसार, दोषी साहिल को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत तीन साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना, धारा 366 के तहत पांच साल का कठोर कारावास और 15 हजार रुपए जुर्माना, धारा 376(1) के तहत 10 साल का कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 के तहत दो साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस कारण सबसे लंबी सजा 10 साल के कठोर कारावास की होगी। चारों धाराओं में कुल जुर्माना 55 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में संबंधित धाराओं के अनुसार अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
Source link
पानीपत में रेप के दोषी को 10 साल कैद:कोर्ट ने ₹55 हजार जुर्माना भी लगाया; पार्लर जाने के लिए घर से निकली थी नाबालिग
