Headlines

AI से न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग, छात्र का सुसाइड:लड़की की डीपी लगाकर फंसाया; पिता बोले- बेटे की हत्या हुई, बॉडी पर नाखून के निशान थे




पटना में 11 जुलाई को 7वीं के छात्र आयुष सिंह (12) की संदिग्ध मौत हुई, अब पुुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है। आयुष के मोबाइल की पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वो किसी से फोन पर अक्सर बातें किया करता था। जिस नंबर से वो बात करता था, उसकी डीपी में लड़की की तस्वीर है। जब मोबाइल नंबर की जांच हुई तो पता चला कि वो लड़की नहीं, लड़का है और साइबर फ्रॉड है। उसकी पहचान हजारीबाग के रहने वाले सुनील साव के रूप में की गई। सुनील ने AI से आयुष की न्यूड फोटो बनाई थी। उसी फोटो को भेजकर आयुष को ब्लैकमेल किया करता था। परेशान होकर आयुष ने सुसाइड कर लिया। पंखे से लटक कर उसने अपनी जान दे दी थी। इधर, पिता ने बेटे की हत्या होने का दावा किया है। उनका कहना है कि मेरा बेटा इतना कमजोर नही था कि जान दे दे। आयुष की शरीर पर नाखून के निशान थे। घटना पोस्ट ऑफिस गली पुनाईचक की है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी… पहले घटना वाले दिन की 2 तस्वीरें.. घर पर अकेला था आयुष आयुष के पिता रंजीत सिंह वैशाली के रहने वाले हैं। पटना में वे सिलाई का काम करते हैं और रेंट के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में पत्नी और छोटा बेटा भी है। रंजीत बताते हैं कि घटनावाले दिन वे पत्नी और छोटे बेटे के साथ मार्केट निकले थे। इसी बीच पड़ोस के एक दुकानदार ने बताया था कि बेटे को किसी ने मार दिया है। रंजीत जब घर पहुंचे तो बेटे आयुष की लाश देखी, जिसके बाद उन्होंने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। फोन से बात करते घर से निकला था आयुष घटना वाले दिन का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि आयुष घर से निकल रहा है। जिसके बाद वो गली से मेन रोड पर आता है। वो मोबाइल पर किसी से बात करते दिख रहा है। उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि वो किसी के आने का इंतजार कर रहा है। पिता ने कहा- बेटे की हत्या हुई है पिता रंजीत सिंह ने बताया, ‘मुझे यह पूरी साजिश लग रही है। मेरा बेटा सुसाइड नहीं कर सकता है। आरोपी सुनील ने अपने किसी आदमी को भेजकर हत्या कराई है। गला घोंटकर मारा है।’ बेटे के शरीर पर चोट के निशान थे। नाखून लगा था। पंखे से फर्श की हाइट बहुत कम थी। पैर उसका फर्श से सटा और मुड़ा हुआ था। भला इतनी कम ऊंचाई में कैसे कोई सुसाइड कर सकता है। ऐसा लग रहा था कि मारपीट कर किसी ने पंखे से मेरे बेटे को फंदे से लटकाया था। जिस तरीके से बॉडी लटकी थी, उसे देखकर हमें हत्या का संदेह है।’ मेरे बेटे के लगातार संपर्क में था आरोपी- रंजीत सिंह पिता रंजीत सिंह ने बताया, ‘आरोपी मेरे बेटे से लगातार बातचीत कर रहा था। जैसे ही हम लोग घर से बाहर मार्केट निकले। इसी बीच उसने फिर संपर्क किया। बेटे से रुपए की डिमांड की। मेरे बेटे ने कहा कि मां-पापा मारेंगे। मैं रुपए नहीं भेज पाऊंगा। उसके बाद उसे डराया धमकाया गया। हो सकता है कोई रुपए लेने के लिए भी आया हो। बेटे ने आरोपी को 2500 रुपए दिए थे। एक बार 1000 और दूसरी बार 1500 रुपए।’ झारखंड के हजारीबाग से पुलिस ने आरोपी को पकड़ा पुलिस का दावा है कि आरोपी एक पोटेंशियल साइबर फ्रॉड है। 14 अगस्त को पुलिस ने सुनील को हजारीबाग से गिरफ्तार किया। 15 अगस्त को पटना लेकर आई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी दी। आरोपी के फोन से मिले ट्रांजेक्शन के एविडेंस इधर, आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि इसके साथ और लोग भी गिरोह में शामिल हैं। यह पूरी तरह से संगठित गिरोह चलाता है। इसके फोन से ट्रांजेक्शन के एविडेंस मिले हैं। हाल में 50 लाख रुपए में खरीदी गई जमीन की डील भी मिली है, जो पुलिस की आशंका को और गहरी कर रही है। फिलहाल, आरोपी से पूछताछ हो रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *