ब्लैकबोर्ड-पत्नी की साड़ी-पेटीकोट धोता हूं, झाडू-पोछा करता हूं:दोस्त कहते हैं- ये मर्द नहीं, हाउस हसबैंड बनने से भाइयों की शादी नहीं हो रही
भास्कर की वीकली सीरीज ब्लैकबोर्ड में कहानी ऐसे मर्द की जो पैसे कमाने बाहर नहीं जाता। घर पर रहकर झाडू-पोछा करता है। बरतन धोता है। खाना बनाता है। वो हाउस हसबैंड है। ठीक वैसे ही जैसे हमारे यहां हाउस वाइफ होती हैं। यूं तो वो अपनी जिंदगी में खुश हैं, लेकिन उसे हाउस हसबैंड बनने…
