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- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Knowledge Reveals The Truth; Keep These 10 Things In Mind, And Life’s Sorrows May Become Easier To Overcome.
हरिद्वार36 मिनट पहले
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जीवन हर पल बदलता रहता है। हमारा शरीर बदलता है, परिस्थितियां बदलती हैं, विचार और स्वभाव बदलते हैं। फिर भी हमारे भीतर एक ऐसी चेतना (आत्मा) है, जो इन सभी परिवर्तनों के बीच स्थिर रहती है। जब हम उस चेतना को पहचान लेते हैं, तब बाहरी सुख-दुख से ऊपर उठकर हमें आनंद का अनुभव होने लगता है। जानिए सुख-दुख से जुड़ी 10 बातें, इन्हें ध्यान रखेंगे, तो जीवन में सुख बना रहेगा…
1. शरीर बदलता रहता है। समय के साथ हमारा शरीर बचपन से युवावस्था और फिर वृद्धावस्था की ओर जाता है, लेकिन हमारी मूल चेतना इन बदलावों से अलग रहती है।
2. दृश्य और परिस्थितियां बदलती हैं। जीवन में सुख-दुख, सफलता-असफलता और अनेक परिस्थितियां आती-जाती रहती हैं। कोई भी स्थिति हमेशा एक जैसी नहीं रहती। इसलिए सकारात्मक रहना चाहिए।
3. हमारे गुण और स्वभाव भी बदलते हैं। अनुभवों और समय के साथ हमारी सोच, आदतें और व्यवहार भी बदलते हैं, लेकिन हमारे भीतर की चेतना स्थिर रहती है।
4. हमारी आत्मा नित्य है यानी हमेशा रहती है – हमारे भीतर ऐसी आत्मा है, जो परिवर्तन के बीच भी अपरिवर्तित रहती है। वही हमारे अस्तित्व का वास्तविक आधार है।
5. आनंद, प्रेम, शांति और उल्लास जैसे ईश्वरीय गुण हमारे भीतर मौजूद हैं। ये गुण केवल बाहर खोजने की चीजें नहीं हैं। इनका स्रोत हमारे भीतर भी विद्यमान है।
6. अपने भीतर के आनंद को अनुभव करना चाहिए। जब हम बाहरी परिस्थितियों से हटकर अपने भीतर देखते हैं, तब हमारे जीवन में शांति और आनंद की अनुभूति होने लगती है।
7. हम स्वयं को केवल बदलते शरीर और मन तक सीमित न मानें। हमें अपनी मूल चेतना यानी आत्मा को पहचानना चाहिए, तब ही जीवन को गहराई से समझ सकते हैं।
8. जब हमें भीतर के आनंद का अनुभव होता है, तब परिस्थितियों का प्रभाव पहले जैसा भारी नहीं लगता और मन धीरे-धीरे हल्का होने लगता है, निराशा दूर हो जाती है।
9. संसार का सुख परिस्थितियों पर निर्भर हो सकता है, लेकिन परम आनंद किसी भी परिस्थिति में हमसे छीना नहीं जा सकता।
10. हमारा जीवन केवल बाहरी उपलब्धियों के लिए नहीं है। इसका मूल उद्देश्य अपने भीतर स्थित शाश्वत आनंद को पहचानना है। जब हम हमारे भीतर स्थित आनंद को पहचान लेते हैं, तब जीवन की सारी उलझनें सुलझ जाती हैं और सांसारिक सुख-दुख हमें प्रभावित नहीं कर पाते हैं।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।

