बालोद में बुधवार को कांग्रेस ने NEET पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। जयस्तंभ चौक पर भारी बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्
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गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने इस दौरान कहा कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
संजारी-बालोद विधायक और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा कम हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।

केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने बताया कि NEET पेपर लीक से देशभर के छात्रों और उनके परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। हिरवानी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
लाठीचार्ज और नेताओं की हिरासत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से कई सवाल भी किए। इनमें NEET पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक हुई कार्रवाई, छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले और युवाओं के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को हिरासत में लेने के कारण शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा बताया।
