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3 घंटे पहले
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CJI सूर्यकांत को चीफ गेस्ट बनाए जाने के विरोध के बीच गुरुवार को बेंगलुरु नेशनल लॉ स्कूल (NLSIU) ने 12 सितंबर को होने वाला अपना दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया। यहां के छात्र और पूर्व छात्रों के CJI को चीफ गेस्ट बनाने का विरोध कर रहे थे।
यूनिवर्सिटी ने 27 अगस्त को यह जानकारी दी, हालांकि नोटिस में छात्रों के विरोध का जिक्र नहीं है। पिछले एक महीने में यह चौथा संस्थान है, जहां CJI के विरोध के बाद दीक्षांत समारोह को या तो कैंसिल कर दिया गया या उसका मुख्य अतिथि बदल दिया गया।

बेंगलुरु में 700 से ज्यादा छात्रों ने किया विरोध
NLSIU, बेंगलुरु के 700 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व छात्रों ने CJI सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई थी।
विरोध करने वालों में 574 मौजूदा छात्र और 128 पूर्व छात्र शामिल थे। उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से NALSAR, हैदराबाद के छात्रों और शिक्षकों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग भी की थी।
विरोध की शुरुआत NALSAR, हैदराबाद से हुई, पूरी टाइमलाइन
1. NALSAR हैदराबाद, छात्रों ने विरोध में लेटर लिखा
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत का विरोध लॉ यूनिवर्सिटीज में शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत NALSAR हैदराबाद से हुई। यहां करीब 1,400 छात्र पढ़ते हैं।
करीब 450 छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को पत्र लिखकर CJI को चीफ गेस्ट बनाने का न्योता वापस लेने की मांग की थी। समारोह की तारीख तय नहीं हुई थी।
NALSAR, हैदराबाद के छात्रों ने CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया। छात्रों ने CJI की कथित टिप्पणियों और दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी कार्यवाही पर सवाल उठाए।
विवाद बढ़कर BCI तक पहुंचा। BCI ने कुछ समय के लिए 2026 के NALSAR स्नातकों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। हालांकि इसे वापस ले लिया गया। CJI सूर्यकांत ने बाद में कहा कि उन्होंने निमंत्रण स्वीकार ही नहीं किया था। सामारोह की अब तक डेट नहीं आई है।
2. TISS, मुंबई: 2 अगस्त का दीक्षांत समारोह स्थगित हुआ था
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने 2 अगस्त को होने वाला 86वां दीक्षांत समारोह स्थगित किया। संस्थान ने अप्रत्याशित परिस्थितियों का हवाला दिया। रिपोर्ट्स में CJI सूर्यकांत की मौजूदगी को लेकर छात्रों के संभावित विरोध की चिंता बताई गई थी। बाद में समारोह 22 अगस्त को हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. सीएस प्रमेश को बनाया गया।
3. ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपत: CJI शामिल नहीं हुए
25 जुलाई को यूनिवर्सिटी के 15वें दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। CJI शामिल नहीं हुए। उनकी जगह सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने समारोह की अध्यक्षता की।
CJI के बयान से बनी कॉकरोच जनता पार्टी

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ था।
- कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई थी। इसे सोशल मीडिया पर बनाया गया। देखते ही देखते लाखों फॉलोअर्स बढ़ गए।
- सुप्रीम कोर्ट की बेंच 15 जनवरी को वकील संजय दुबे की दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता सीनियर वकील का दर्जा पाना चाहता था।
- जस्टिस बागची ने सवाल किया कि क्या सीनियर एडवोकेट का टैग सिर्फ एक स्टेटस सिंबल है या न्याय व्यवस्था में भागीदारी का एक जरिया।
- इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा था, कॉकरोच की तरह बहुत से युवा ऐसे हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। वे सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म बन रहे हैं। हजारों ऐसे हैं जो काले चोगे पहनकर घूम रहे हैं, लेकिन उनकी डिग्रियों पर संदेह है।

CJI सूर्यकांत के हाल की 3 बयान, जिस पर विवाद हुए
15 मई: CJI ने कहा था- कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। CJI सूर्यकांत ने कहा था- कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’ पढ़ें पूरी खबर
22 जुलाई: CJI ने कहा था- हमें वीडियो देखने में दिलचस्पी नहीं है

दरअसल, 22 जुलाई को एक वकील ने CJI की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील ने कहा- छात्र महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। लेकिन उन पर पुलिस की बर्बरता के वीडियो भी हैं। यदि संभव हो तो मामले की सुनवाई जल्द की जाए। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा था, ‘हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है, हमारे पास देखने का समय नहीं है।’ पढ़ें पूरी खबर…
24 जुलाई: CJI ने कहा था- किसी भी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की हिंसा से जुड़ी 2 याचिकाएं दायर की गई हैं। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था- मैंने CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज से जुड़ी किसी भी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया। सच ये है कि कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी। मीडिया ने भी गलत खबरें चलाईं। पढ़ें पूरी खबर…

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CJI बोले- छात्र गलत हों, तब भी उन्हें विरोध का अधिकार, बार काउंसिल को फटकार लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को हैदराबाद की लॉ यूनिवर्सिटी, NALSAR से जुड़े विवाद पर काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को फटकार लगाई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि भले ही छात्रों का फैसला गलत हो या उन्हें किसी ने गलत सलाह दी हो, फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है।
जस्टिस सूर्यकांत ने BCI के उस सर्कुलर पर भी नाराजगी जताई जिसमें NALSAR के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर एनरोलमेंट रोकने को कहा गया था। CJI ने कहा- यह मेरे और छात्रों के बीच का मामला है। इसे मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं थी। बार काउंसिल इसमें दखल देने वाला कौन होता है। पूरी खबर पढ़ें

