भोपाल में नोटिस जारी करने के साथ अवैध निर्माण भी नगर निगम तोड़ रहा है।
भोपाल में आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम नोटिस दे रहा है। अब तक कुल 8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
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कार्रवाई के विरोध में जहां दुकानदार सड़क पर उतर गए हैं तो समर्थन में रहवासी बड़े आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। शनिवार को गुलमोहर में बड़े स्तर पर टॉर्च रैली भी निकलेगी। इधर, निगम अफसरों का कहना है कि सुनवाई के बाद सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के मुताबिक, कुल नोटिस में से 3 दिन में अधिभोग उल्लंघन की अवधि समाप्त होने वाले 750 नोटिस हैं। अवैध निर्माण के लिए 85 नोटिस जारी हो रहे हैं। इनमें से 24 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें फाइनल ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। पिछले दो दिन में बैठक व अन्य व्यस्तता के चलते सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी।
सुनवाई और परीक्षण करेंगे
अफसरों ने बताया कि नोटिस के बाद अधिभोग उल्लंघन के मामलों में गुण-दोष पर परीक्षण करते हुए अंतिम आदेश पारित किया जाएगा और संबंधितों को सूचित करेंगे। उन्हें अधिभोग उल्लंघन बंद करने के लिए अंतिम सूचना पत्र जारी किए जाएंगे। सुनवाई के बाद फाइनल ऑर्डर होगा और फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी।

कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को सड़क पर उतर चुके व्यापारी।
विरोध में सड़क पर उतर चुके विरोध
नगर निगम की इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारी सड़क पर उतर चुके हैं। रोशनपुरा चौराहे पर चक्काजाम भी कर दिया था। व्यापारियों का कहना था कि एक साथ संस्थान बंद होने से रोजगार और आम लोगों की सेवाएं प्रभावित होंगी। उन्होंने सरकार से रहवासी क्षेत्रों के व्यावसायिक उपयोग के लिए नियमितीकरण की नीति बनाने की मांग की है।
वहीं, शनिवार को रहवासी संघ गुलमोहर कॉलोनी में टॉर्च रैली निकालेंगे। पिछले सप्ताह वे सात नंबर मार्केट में भी रैली निकाल चुके हैं। रहवासियों का कहना है कि किसी भी हालत में रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी नहीं होनी चाहिए।
62 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी लिस्टेड
निगम के मुताबिक, 62 हजार से ज्यादा ऐसी प्रॉपर्टी लिस्टेड की गई है, जो रहवासी इलाके में हैं और कारोबार हो रहा है। 5 अगस्त से पहले तक 1018 रहवासियों को नोटिस दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद निगम ने सर्वे का दायरा बढ़ाया और पूरे शहर में सर्वे शुरू किया। 5 से 12 अगस्त तक 1163, जबकि 13 अगस्त को 1135 नोटिस और दिए गए। 14 अगस्त को 1478 नोटिस और दिए गए।
16 अगस्त तक नरेला विधानसभा में 1470, हुजूर विधानसभा में 1032, गोविंदपुरा विधान सभा में 1250, मध्य विधानसभा में 1093, उतर विधानसभा में 371 और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में 652 नोटिए दिए जा चुके हैं। 17, 18, 19 और 20 अगस्त तक 8 हजार से ज्यादा नोटिस दिए जा चुके हैं।

नगर निगम नोटिस जारी करने के साथ अवैध निर्माण भी तोड़ रहा है।
कारोबारियों में दहशत
नए सर्वे में भवन से जुड़े दूसरे उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। अर्बन प्लानिंग के विशेषज्ञों के मुताबिक यदि समय पर मास्टर प्लान आता तो रहवासियों और कारोबारियों के सामने यह स्थिति नहीं खड़ी होती। रहवासी और व्यावसायिक इलाके अलग-अलग चिह्नित बनाए जाते।
सख्ती के बाद शहर के उन इलाकों के कारोबारियों में दहशत है, जो रहवासी इमारतों में दुकानें चला रहे हैं। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन, लालघाटी समेत जैसे इलाकों में दुकानदार नोटिस के बाद कमर्शियल इलाकों में दुकानें तलाश रहे हैं।
मुख्य मार्गों से सर्वे, नदी-तालाब किनारे भी जांच
निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी-तालाब किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवन प्राथमिकता से जांचे जाएंगे। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाएंगे।
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‘सरकार को 3 ऑप्शन…वर्ना भोपाल बंद की चेतावनी’

सरकार को 3 ऑप्शन देते हैं। पहला- मास्टर प्लान लागू करें, दूसरा- गुजरात की तर्ज पर मिक्स लैंड यूज लागू करें और तीसरा- निगम की सीलिंग की कार्रवाई रोके। यदि ऐसा नहीं किया तो भोपाल को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर देंगे। सड़कें जाम करेंगे और सीएम हाउस का घेराव करेंगे।’
यह चेतावनी भोपाल के व्यापारियों ने सरकार को दी है। 10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि हमें चैन की नींद सोने दिया जाए। उनके पेट पर लात नहीं मारें। पढ़े पूरी खबर
