बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने TRE-4.0 शिक्षक भर्ती परीक्षा के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी है। इस भर्ती के जरिए शिक्षा विभाग में 32,388 स्कूल शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति होनी है।
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BPSC के विज्ञापन संख्या 14/2026 के अनुसार, TRE-4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होनी थी। आयोग ने अब इसे प्रक्रियात्मक बदलाव के कारण स्थगित कर दिया है।
दरअसल, शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान TRE-4 में एकल परीक्षा कराने की मांग उठाई गई थी। इसके साथ ही अभ्यर्थियों ने ‘वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट’ की भी मांग की थी। सरकार ने इन मांगों को मानने की बात कही थी।
अब इन्हीं बदलावों को शामिल करते हुए आयोग TRE-4.0 का नया विज्ञापन जारी करेगा। यही वजह है कि 1 सितंबर से शुरू होने वाली आवेदन प्रक्रिया को फिलहाल टाल दिया गया है।
नई तारीख जल्द होगी जारी
आयोग ने बताया है कि आवेदन प्रक्रिया की तारीख में बदलाव किया गया है। अब भर्ती से संबंधित नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन की नई तारीख के लिए BPSC की ओर से जारी होने वाली अगली सूचना का इंतजार करें। फिलहाल 1 सितंबर से आवेदन शुरू नहीं होगा।

छात्रों के आंदोलन के बाद TRE-4 में बदलाव
TRE 4 के तहत शिक्षकों की भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने पटना में विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद सरकार ने इस परीक्षा में बदलाव किए हैं। TRE-4 में अब PT और मेन परीक्षा अलग-अलग नहीं होगी।
सरकार ने TRE-4 की एकल परीक्षा कराने की छात्रों की मांग को स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ‘वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट’ की मांग पर भी सरकार ने सहमति जताई है।
सरकार के इस फैसले के बाद पटना के गर्दनीबाग में 18 अगस्त से धरने पर बैठे छात्र नेता अमन और जहान्वी ने अपना अनशन तोड़ दिया था। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने छात्र नेता अमन को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया था।
छात्र नेता सौरभ ने कहा, “सरकार सभी मांगे मान ली हैं। छात्र एकता और संघर्ष की जीत हुई है। छात्रों के सामने सरकार झुकी है।”

CM ने कहा था- छात्रों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर
CM सम्राट चौधरी ने कहा था कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। छात्रों की मांगों पर अब कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इस बार TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही 9 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए सुझाव और अनुशंसा देने के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ का गठन किया गया है। पटना हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में गठित यह समिति विभिन्न परीक्षाओं से जुड़ी छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी।
सीएम ने कहा कि छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की है। इसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।


अब जानिए पटना में छात्रों के आंदोलन के दौरान क्या-क्या हुआ
24 अगस्त; ‘हाथी चले बाजार..कुत्ते भौंके हजार’, बयान पर BPSC ने माफी मांगी
24 अगस्त को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजेश कुमार सिंह से गर्दनीबाग में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कहा था कि “एक कहावत आपने सुना होगा, हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार।”
उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्र भड़क गए। उन्होंने कहा, ‘एक बार कॉकरोच बोला गया था, तो प्रधान जी चले गए। अब सचिव की नौकरी जाएगी।’
विवाद बढ़ने के बाद BPSC एग्जाम कंट्रोलर ने वीडियो जारी कर माफी मांग ली है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं।

BPSC एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हाथी और कुत्ता वाला बयान दिया था।
BPSC कंट्रोलर ने कहा, “गर्दनीबाग में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान 3RD रैंक की कॉपी दिखा कर ये कहा जा रहा है कि कॉपी खाली है। उत्तर की क्वालिटी के आधार पर किसी को भी नंबर दिए जाते हैं। पहले कॉपी में कितना लिखा है ये देखकर नंबर दिया जाता था।”
जब पत्रकारों ने सवाल किया कि अगर कोई छात्र गलत कॉपी दिखा रहा तो कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे। इसपर BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने कहा कि हाथी चले बाजार…. कुत्ता भौंके हजार।


BPSC एग्जाम कंट्रोलर के कुत्ते वाले बयान पर छात्रों ने पोस्टर के साथ आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
25 अगस्त; CM हाउस का घेराव करने निकले छात्रों पर लाठीचार्ज
मंगलवार को ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के छात्र CM हाउस का घेराव करने निकले। छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर पुलिस के साथ-साथ CRPF जवानों को भी तैनात किया गया, लेकिन छात्र बैरिकेडिंग तोड़ते हुए डाकबंगला पहुंच गए।
इस दौरान छात्रों की CRPF जवानों के साथ धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र का सिर फट गया, जबकि एक छात्रा बेहोश हो गई। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
कुछ छात्रों ने पुलिस की ओर पत्थरबाजी भी की, जिसमें टाउन DSP कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए। कई पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी है। हालात बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कुछ छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया है। छात्रों के प्रदर्शन के बीच बख्तरबंद गाड़ी भी बुलाई गई। इस गाड़ी का इस्तेमाल आमतौर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में किया जाता है।
छात्रों के CM हाउस घेराव की कुछ तस्वीरें…

जेपी गोलंबर पर छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़ गए।

छात्र को घसीटकर ले जाती पुलिस।

छात्रों के प्रदर्शन के बीच बंकर गाड़ी बुलाई गई।

डाकबंगला चौराहे पर लोहे की शील्ड लगाकर छात्रों को रोका गया।

छात्रों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
26 अगस्त; पटना में जलाया गया सीएम का पुतला
बुधवार (26 अगस्त) को छात्र आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को छात्रों ने पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर छात्र-युवा संघर्ष के बैनर तले ‘काला दिवस’ के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया।
छात्रों ने कहा कि, ‘छात्र रोजगार मांग रहे हैं और पुलिस लाठियां बरसा रही है। पुलिस ने फिर निहत्थे छात्रों पर लाठियां बरसाई है और इसमें उसने अंग्रेजी हुकूमत को भी पीछे छोड़ दिया है।
सोमवार को जिला प्रशासन से वार्ता के क्रम में छात्रों ने स्पष्ट कर दिया था कि उनका मार्च डाकबंगला चौराहा तक जाएगा। बावजूद इसके प्रमुख छात्र नेताओं को साजिशन गिरफ्तार कर लिया गया।’
27 अगस्त; शिक्षा मंत्री के आवास की बढ़ाई गई थी सुरक्षा
पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे कुछ छात्र गुरुवार सुबह शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंच गए थे। इसके बाद एहतियातन शिक्षा मंत्री के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
