Charanjit Singh Channi at Punjab University


पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी हॉल में बैठकर परीक्षा देते हुए।

पंजाब के पूर्व CM व जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी गुरुवार को पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में एग्जाम देने पहुंचे। चन्नी पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में MA कर रहे हैं। उनका एग्जाम दोपहर साढ़े 12 बजे तक था। पेपर लिखकर वह एग्जाम हॉल से बाहर आते दिखे।

.

एग्जाम हॉल से चन्नी की फोटो सामने आई, जिसमें वह स्टूडेंट्स के बीच में अपना पेपर सॉल्व करते नजर आए। चन्नी की सिक्योरिटी समेत दूसरे स्टाफ को एग्जाम हॉल से बाहर रखा गया था।

चरणजीत चन्नी की उम्र 63 साल है। वह पंजाब यूनिवर्सिटी से बीए और एलएलबी, आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से एमबीए कर चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में PhD भी की थी। एग्जाम की वजह से चन्नी बुधवार को दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में भी शामिल नहीं हुए थे।

एग्जाम हॉल में चन्नी अपना पेपर लिखते नजर आए।

एग्जाम हॉल में चन्नी अपना पेपर लिखते नजर आए।

एग्जाम देकर बाहर निकले चन्नी ने ये बातें कहीं…

  • पूरी जिंदगी पीयू का स्टूडेंट रहूंगा: पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट हैं और पूरी जिंदगी इसके स्टूडेंट रहेंगे। मीडिया से बातचीत के दौरान लगातार सवाल किए जाने पर वह कुछ नाराज भी हो गए। उन्होंने कहा कि अगर मीडिया वाले चुप नहीं हुए तो वह अपनी गाड़ी में बैठकर चले जाएंगे।
  • पिछले सेमेस्टर में 74 प्रतिशत नंबर आए: चन्नी ने कहा कि उन्होंने BA, MA (पॉलिटिकल साइंस), MBA, लॉ और PhD की है। आज उनका पंजाब यूनिवर्सिटी में मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का आखिरी पेपर था। इसके साथ ही उनके 20 पेपर पूरे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पुराने पेपरों का रिजल्ट आ चुका है। पिछले रिजल्ट में उनके 70 प्रतिशत और पिछले सेमेस्टर में 74 प्रतिशत अंक आए थे। अब 3 पेपरों का रिजल्ट आना बाकी है।
  • साढ़े 4 साल से पढ़ाई कर रहा हूं: उन्होंने कहा कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पॉलिसी रिफॉर्म के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं और आगे PhD भी करेंगे। उनका रिसर्च विषय पंजाब में नीतिगत सुधार और सरकार के कामकाज को बेहतर बनाने से जुड़ा होगा। चन्नी ने कहा कि वह करीब साढ़े 4 साल से इस दिशा में पढ़ाई और रिसर्च कर रहे हैं।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा मुफ्त होनी चाहिए: चन्नी ने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसा मॉडल तैयार करने की कोशिश करेंगे, जिससे सरकार का कामकाज बेहतर हो, भ्रष्टाचार खत्म हो और व्यवस्था इस तरह बनाई जाए कि कोई भी व्यक्ति इसका गलत फायदा न उठा सके। सरकार वेलफेयर स्टेट के रूप में काम करे और गरीब व मध्यम वर्ग को ज्यादा फायदा मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों के लिए मुफ्त होनी चाहिए। चन्नी ने कहा कि अगर भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो इस मॉडल को लागू करने की कोशिश की जाएगी।
  • मीटिंग तो दोबारा आ जाएगी पढ़ाई नहीं: कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में शामिल न होने पर चन्नी ने कहा कि CWC की बैठक हर महीने होती है। उन्होंने हाईकमान से लिखित मंजूरी ली थी कि वह परीक्षा के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि बैठक में करीब 80 सदस्य शामिल हुए थे और उनके जाने या न जाने से कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि अगर वह पेपर छोड़ देते तो उनकी डिग्री एक साल आगे खिसक जाती और रिसर्च वर्क भी प्रभावित होता। अब अगले महीने से उनका रिसर्च वर्क शुरू होगा।
  • रात 2 बजे सोए, सुबह 5 बजे उठे: चन्नी ने बताया कि वह पूरी तैयारी के साथ पेपर देने पहुंचे थे। रात करीब 2 बजे सोए और सुबह 5 बजे उठ गए। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली जाना होता है तो वह गाड़ी में बैठकर भी पढ़ाई करते हैं। उन्होंने पुराना किस्सा बताया कि 2016 में भी उनका पेपर था और उसी दौरान कांग्रेस की बैठक थी। उस समय राहुल गांधी ने उनकी स्थिति को समझते हुए उन्हें अपना विमान उपलब्ध कराया था, जिससे वह समय पर पेपर दे सके। चन्नी ने कहा कि आने वाले हालात से जूझने के लिए लगातार मेहनत करते रहना चाहिए और समय के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।
चरणजीत सिंह चन्नी की रोल नंबर स्लिप

चरणजीत सिंह चन्नी की रोल नंबर स्लिप

2022 की हार के बाद विदेश में पूरी की थी थीसिस

2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद चन्नी कुछ समय के लिए राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहे। इस दौरान वह अमेरिका चले गए थे। वहां उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों के बजाय अपनी अधूरी थीसिस पूरी करने पर ध्यान केंद्रित किया। चुनावी हार के बाद उन्होंने अमेरिका में रहकर अपनी रिसर्च पूरी की।

अपनी ही पार्टी के घावों पर किया रिसर्च

पीएचडी की सबसे दिलचस्प बात इसका विषय था। चन्नी ने तटस्थ विषय के बजाय अपनी ही पार्टी कांग्रेस को शोध का विषय बनाया। उनकी पीएचडी का शीर्षक ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: 2004 से लोकसभा चुनावों में केंद्रीय संगठन और चुनावी रणनीतियों का एक अध्ययन’ था।

एक एक्टिव नेता होने के कारण चन्नी को पार्टी के केंद्रीय संगठन और राज्यों की अंदरूनी राजनीति को करीब से देखने का अनुभव था। उन्होंने अपने शोध में पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में पार्टी के भीतर हुए विवादों और चुनावी रणनीतियों का भी अध्ययन किया।

॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰

यह खबर भी पढ़ें…

CWC की मीटिंग में चन्नी शामिल नहीं हुए:रंधावा, मनीष तिवारी और भूपेश बघेल समेत कई नेता रहे मौजूद, कई मुद्दों पर बनी रणनीति

दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हुई। पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी इसमें शामिल नहीं हुए। पता चला है कि उनका पेपर था, जिसके चलते उन्होंने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। वहीं, बैठक में गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल समेत कई नेता मौजूद रहे। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *