महासमुंद और गरियाबंद जिलों में बिजली चोरी रोकने के लिए CSPDCL ने एक अभियान चलाया। मुख्य अभियंता ए.के. लखेरा के निर्देश पर बकायादारों और पहले से कटे कनेक्शनों की जांच हुई।
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इसके लिए 27 जांच टीमें बनीं, जिनमें करीब 55 इंजीनियर और लाइन कर्मचारी थे। टीमों ने उन उपभोक्ताओं के घरों की जांच की, जिनके स्मार्ट मीटर रिमोट से या नॉन-स्मार्ट मीटर बकाया के कारण पहले काट दिए गए थे।
कुल 187 परिसरों की जांच में 96 उपभोक्ता बिना बकाया चुकाए और बिना अनुमति के बिजली इस्तेमाल करते मिले। इनमें मीटर बायपास या एलटी लाइन से सीधे हुकिंग कर बिजली चोरी के मामले सामने आए।
जांच टीमों ने मौके पर पंचनामा बनाकर कागजी कार्रवाई की। बिना अनुमति बिजली इस्तेमाल करने का बिल बनाया जा रहा है। बिजली अधिनियम 2003 की धारा 138 और 135 के तहत कार्रवाई हो रही है। थानों में FIR और कोर्ट में मामले पेश करने की तैयारी है।



बिजली बिल का बकाया जमा नहीं करने पर जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, वे बिना विभाग की अनुमति के दोबारा बिजली का इस्तेमाल न करें। बिजली कंपनी ने साफ किया है कि खुद से तार जोड़कर, मीटर बायपास करके या सीधे लाइन से हुकिंग कर बिजली जलाने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विद्युत अधिनियम 2003 के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
समाधान योजना के तहत जमा कर रहे बकाया
विशेष जांच अभियान के दौरान कई घरेलू बीपीएल और कृषि पंप उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री समाधान योजना के तहत अपने बकाया मामलों के निराकरण के लिए पंजीयन कराया और नियमानुसार भुगतान किया। वहीं, कुछ उपभोक्ताओं ने मौके पर ही बकाया राशि जमा कर बिजली कनेक्शन दोबारा चालू कराने की प्रक्रिया शुरू की।
भुगतान के बाद ही चालू कराएं कनेक्शन
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को समझाइश दी है कि बकाया राशि जमा करने और विभाग की जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही बिजली कनेक्शन दोबारा चालू कराएं। बिना अनुमति खुद से लाइन जोड़कर बिजली का इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
31 मार्च तक चलेगा जांच अभियान
CSPDCL के मुताबिक, महासमुंद वृत्त में बिजली बिल की बकाया राशि वसूलने, बिजली चोरी रोकने और नियमों का पालन कराने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान तय कार्यक्रम के अनुसार 31 मार्च तक जारी रहेगा।
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनके कनेक्शन बकाया राशि के कारण काटे गए हैं, वे पहले भुगतान करें और विभागीय प्रक्रिया पूरी कराकर ही कनेक्शन दोबारा जुड़वाएं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी और दूसरी अनियमितताओं पर कार्रवाई जारी रहेगी।
