थीम बेस्ड पंडाल के लिए हमेशा से चर्चा में रहने वाला धनबाद का मनईटांड़ पानी टंकी पूजा पंडाल इस बार समुद्र मंथन की पौराणिक कथा को जीवंत करता नजर आएगा।
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पंडाल के सामने देवता और असुर मंदराचल पर्वत को बीच में रखकर वासुकी नाग के सहारे समुद्र मंथन करते दिखाई देंगे।
पंडाल के अंदर समुद्र मंथन से निकलने वाले 14 रत्नों को अलग-अलग स्थानों पर आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जा रहा है।

भगवान विष्णु के कच्छप अवतार को दिखाया जाएगा
स्टील फॉयल से तैयार हो रहे पंडाल के बीच में मंदराचल पर्वत बनाया जा रहा है। इसके नीचे भगवान विष्णु के कच्छप अवतार को दिखाया जाएगा।
पर्वत के चारों ओर वासुकी नाग को रस्सी के रूप में दर्शाया जाएगा। एक ओर देवता और दूसरी ओर असुर समुद्र मंथन करते नजर आएंगे। समुद्र की लहरों, मछलियों और झूमरों की बारीक कलाकारी पंडाल को और आकर्षक बनाएगी।
पंडाल के अंदर समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों को अलग-अलग स्थानों पर सजाया जा रहा है। इनमें हलाहल विष, कामधेनु गाय, उच्चैःश्रवा घोड़ा और ऐरावत हाथी सहित अन्य प्रसंगों को दर्शाया जाएगा।
मनईटांड़ पानी टंकी की पूजा वर्ष 1972 से होती आ रही है। नवयुवक संघर्ष समिति इस वर्ष 54वां दुर्गोत्सव मना रही है।

इस वर्ष पूजा का कुल बजट करीब 8 से साढ़े 8 लाख रुपए रखा गया है।
छात्र-छात्राएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
वर्ष 2001 से यहां थीम आधारित पंडाल बनाए जा रहे हैं। पूजा की खासियत यह है कि पंडाल और प्रतिमा निर्माण में स्थानीय युवा और छात्र-छात्राएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रसिद्ध कलाकार और शिक्षक श्यामल सेन के भावना आर्ट स्कूल के छात्र-छात्राएं भी पंडाल की थीम और कलाकारी तैयार करने में सहयोग करते हैं।
बांस-बल्लियों का ढांचा मजदूर तैयार करते हैं, जबकि सजावट और कलाकारी का काम स्थानीय युवा और समिति के सदस्य मिलकर करते हैं।
इस वर्ष पूजा का कुल बजट करीब 8 से साढ़े 8 लाख रुपए रखा गया है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के लिए अतिरिक्त वॉलेंटियर्स की तैनाती की जाएगी।
