हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ए. श्रीनिवास। फाइल
हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 30 सितंबर को समाप्त हो गई है। प्रदेश की अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (ACEO) ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत मिले सभी आवेदनों का निपटारा 28 अक्टूबर
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आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 3,77,987 नए मतदाताओं ने वोटर कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया है। वहीं, 40,162 लोगों ने सूची से नाम हटवाने और 2,14,693 मतदाताओं ने अपनी जानकारी में सुधार या पता बदलवाने के लिए फॉर्म जमा किए हैं। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को नोटिस मिला है तो घबराने की जरूरत नहीं है। मतदाता संबंधित ERO कार्यालय में जाकर सही दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखें और विसंगति दूर कराएं।

अयोग्य पाए फॉर्म-6 की होगी री-चेकिंग अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अयोग्य पाए जाने वाले या रद्द किए गए फॉर्म-6 के मामलों की री-चेकिंग की जाए। आयोग ने साफ किया है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम बेवजह नहीं हटाया जाएगा।
4.34 लाख नोटिस की सुनवाई अभी भी पेंडिंग
मैपिंग के दौरान गलत जानकारी देने पर चुनाव आयोग ने कुल 44,91,691 नोटिस जारी किए थे। इनमें से 40,56,716 मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 4,34,975 मामलों की सुनवाई अभी बाकी है। सबसे ज्यादा पेंडेंसी फरीदाबाद, करनाल और हिसार जिले में है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी ERO को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों का समय पर निस्तारण करें और आयोग के गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें।
