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शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों एवं शिक्षाविदों के सम्मान में प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स अवॉर्ड 2026 के 15वें संस्करण का आयोजन किया गया। थार सर्वोदय संस्थान, सिम्पली जयपुर एवं रघु सिन्हा माला माथुर चैरिटी
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समारोह की मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार की पूर्व मंत्री एवं अभिनेत्री बीना काक रहीं। उन्होंने शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि “शिक्षकों का सम्मान अपनी संस्कृति का सम्मान है।” उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज के संस्कार, मूल्यों और भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जयपुर के 68 शिक्षक हुए सम्मानित
आयोजक सोमेंद्र हर्ष ने कहा कि प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स अवॉर्ड का 15वां संस्करण शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और उपलब्धियों को सम्मान देने की महत्वपूर्ण पहल है। शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान विकसित करने के साथ उन्हें प्रेरित करते हैं और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं।
इस वर्ष प्री-स्कूल, सरकारी एवं निजी विद्यालयों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की अलग-अलग श्रेणियों में कुल 148 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें जयपुर के 68 शिक्षक शामिल रहे। इसके अलावा जोधपुर, अजमेर, बाड़मेर, सिरोही, पाली, भीलवाड़ा, ब्यावर, करौली, सीकर, किशनगढ़, लक्ष्मणगढ़, हनुमानगढ़, जैसलमेर और जालोर सहित अन्य शहरों के शिक्षकों को भी सम्मान मिला।
वहीं दिल्ली, लखनऊ, वृंदावन, छत्तीसगढ़ और बहरोड़ से आए शिक्षकों को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए अवॉर्ड प्रदान किए गए।
सात वरिष्ठ शिक्षकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
रघु सिन्हा माला माथुर चैरिटी ट्रस्ट के ट्रस्टी सुधीर माथुर ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले सात वरिष्ठ शिक्षकों को विशेष रूप से माला माथुर मेमोरियल ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन एजुकेशन’ से सम्मानित किया गया।
इस वर्ष प्रो. बी.के. शर्मा, डॉ. दीपक सक्सेना, डॉ. रश्मि पाटनी, डॉ. जयश्री भार्गव, अनुराधा टंडन, डॉ. सिद्धार्थ मोथड़िया और लवलीना सोगानी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। एम.जी.डी. स्कूल की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। मान्या लखानी ने हुला हूप की शानदार प्रस्तुति दी, जबकि पदमा ने राजस्थानी लोक नृत्य पेश कर दर्शकों की तालियां बटोरीं।
अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और स्नेह व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. ज्योति जोशी ने किया।
