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Moga Micro Irrigation Subsidy | Punjab Farmers Apply for Drip Sprinkler



पंजाब सरकार गिरते भूजल स्तर को बचाने और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से किसानों के लिए एक विशेष पहल चला रही है। इसके तहत पारंपरिक सिंचाई विधियों के बजाय आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई तकनीकें (जैसे ड्रिप, स्प्रिंकलर और रेनगन) अपनाने वाले किसानों को 80 से

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एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज) जसपिंदर सिंह ने बताया कि जिले में सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले 3 वर्षों के दौरान मोगा के 370 एकड़ क्षेत्र को ड्रिप, स्प्रिंकलर और रेनगन तकनीकों से जोड़ा गया है, जिसके लिए पात्र किसानों को लाखों रुपये की सब्सिडी बांटी गई। इस वर्ष जिले में 1,500 एकड़ अतिरिक्त भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत लाने का लक्ष्य तय किया गया है।

सूक्ष्म सिंचाई तकनीक के प्रमुख लाभ

70% तक पानी की बचत: इस तकनीक के माध्यम से पानी का सीधा इस्तेमाल पौधों की जड़ों में होता है, जिससे करीब 70% जल संरक्षण होता है।

लागत में कमी: खाद, उर्वरक और मजदूरी के खर्च में भारी कमी आती है।

खरपतवार से राहत: खेत के अनावश्यक हिस्सों में पानी न जाने से खरपतवार की समस्या काफी घट जाती है।

आलू उत्पादकों को विशेष प्रोत्साहन: निहाल सिंह वाला ब्लॉक में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होने के कारण वहां इस तकनीक को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।

आवेदन कैसे करें और कहां संपर्क करें

ऑनलाइन आवेदन: इच्छुक किसान सब्सिडी वाली यूनिट लगवाने के लिए ड्रिप सिंचाई के आधिकारिक पोर्टल https://www.tupkasinchayee.punjab.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वहां वे अपने आवेदन की प्रगति देख सकते हैं और पंजीकृत विक्रेताओं से संपर्क साध सकते हैं।

वेबसाइट: अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.dswc.punjab.gov.in पर भी विजिट किया जा सकता है।

ऑफलाइन/दफ्तरी संपर्क: उप मंडल भूमि संरक्षण अधिकारी मोगा, श्री सुखदर्शन सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स (मोगा) के कमरा नंबर सी-222 से सी-224 में जाकर सीधा संपर्क कर सकते हैं।



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