पटना के चर्चित NEET छात्रा मौत मामले में CBI ने जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है।
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साथ ही फिलहाल CBI की ओर से इस मामले की आगे जांच नहीं की जाएगी। क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अब मामले को बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
हालांकि, कोर्ट की ओर से इस मामले के इनफॉर्मर पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें टेलीफोन के माध्यम से भी इसकी जानकारी दी गई है, ताकि क्लोजर रिपोर्ट को लेकर उनकी राय और आपत्ति जानी जा सके। इनफॉर्मर पक्ष को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
13 अक्टूबर को कोर्ट में CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर बहस होगी
जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को कोर्ट में CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर बहस होगी। इस दौरान इनफॉर्मर पक्ष अपनी आपत्ति या राय कोर्ट के सामने रख सकता है।
अब पूरे मामले में अंतिम फैसला कोर्ट के रुख पर निर्भर करेगा। कोर्ट क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर सकता है या मामले में आगे किसी तरह की जांच अथवा कार्रवाई का निर्देश भी दे सकता है। फिलहाल सभी की नजरें 13 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।
क्या है NEET छात्रा रेप-मौत मामला?
6 जनवरी 2025 को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा अपने रूम में बेहोश मिली थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप की बात कही गई। FSL की रिपोर्ट में छात्रा के अंडरगारमेंट में स्पर्म मिलने की बात सामने आई।
बिहार सरकार ने पहले मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया। SIT की जांच छात्रा द्वारा नींद की गोली खाने से मौत के एंगल पर टिकी रही। पोस्टमॉर्टम और FSL की रिपोर्ट से रेप की पुष्टि होने से बिहार पुलिस की जांच पर सवाल उठे। मामले ने तूल पकड़ा तो बिहार सरकार ने CBI जांच की अनुशंसा की।

लड़की की मां ने न्याय की गुहार लगाई थी।
लापरवाही बरतने में पुलिस पदाधिकारी सस्पेंड हुए थे
जांच के दौरान पाया गया कि चित्रगुप्त नगर की तत्कालीन एसएचओ रोशनी कुमारी और कदम कुआं के पदाधिकारी हेमंत झा ने लापरवाही बरती है। इसके आधार पर इन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि अब यह दोनों ड्यूटी पर लौट आए हैं। निलंबन खत्म हो गया है।

