- Hindi News
- Lifestyle
- Painkiller Side Effects Explained; Kidney Damage Risk Factors | BP Heart Disease
31 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
- कॉपी लिंक

मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाले 31 वर्षीय नंदराम को बुखार और हाथ-पैर में दर्द था। पेन रिलीफ के लिए उन्होंने मेडिकल स्टोर से खरीदकर पेनकिलर खाना शुरू कर दिया। दवा खाने पर कुछ समय के लिए आराम मिलता, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा दर्द होने लगता। वे हर बार पेनकिलर ले लेते। धीरे-धीरे यह उनकी आदत बन गई। एक महीने में उन्होंने करीब 13 बार पेनकिलर खा ली।
कुछ समय बाद उन्हें पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। जांच में पता चला कि उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। करीब एक साल तक डायलिसिस के बाद उनकी मां ने अपनी किडनी देकर उन्हें नई जिंदगी दी। अक्सर लोग सुरक्षित दवा समझकर बिना डॉक्टरी सलाह के पेनकिलर खा लेते हैं, जबकि जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक खाने पर यह दवा किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में पेनकिलर के हेल्थ रिस्क पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- किन हेल्थ कंडीशंस में डॉक्टर पेनकिलर लेने की सलाह देते हैं?
- पेनकिलर किडनी को कैसे नुकसान पहुंचा सकती है?
एक्सपर्ट- डॉ. अजय नायर, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर
सवाल- पेनकिलर क्या है?
जवाब- पेनकिलर ऐसी दवाएं हैं, जो दर्द से राहत दिलाती हैं और उसे कंट्रोल करने में मदद करती हैं। कुछ पेनकिलर्स सूजन को कम करने में भी मदद करती हैं। इन्हें मुख्य रूप से दो कैटेगरी में बांटा जाता है-
- नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs)
- ओपिओइड्स (Opioids)
डॉक्टर जरूरत के अनुसार इसे लेने की सलाह देते हैं।
सवाल- किन हेल्थ कंडीशंस में डॉक्टर पेनकिलर देते हैं?
जवाब- डॉक्टर दर्द की वजह और गंभीरता के आधार पर पेनकिलर देते हैं, जैसेकि-
- सिरदर्द या माइग्रेन
- दांत दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द
- चोट या ऑपरेशन के बाद दर्द
- पीरियड्स पेन
सवाल- बतौर मेडिसिन पेनकिलर के क्या फायदे हैं?
जवाब- पेनकिलर दवाएं दर्द के लक्षणों को कम करके मरीज को राहत देती हैं। इसके फायदे ऐसे समझिए-
- पेनकिलर दर्द की इंटेसिटी (तीव्रता) को कम करती हैं।
- सूजन से जुड़े दर्द में राहत देती हैं।
- चोट या सर्जरी के बाद दर्द कम करने में मदद करती हैं।
- बुखार के साथ होने वाले दर्द और बदन दर्द में राहत देती हैं।
सवाल- पेनकिलर के साइड इफेक्ट या नुकसान क्या हैं?
जवाब- ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में जुलाई, 2021 में एक स्टडी पब्लिश हुई। इसके मुताबिक, लंबे समय तक पेनकिलर लेने से लिवर और किडनी डैमेज का रिस्क होता है। इससे हार्ट डिजीज का रिस्क भी बढ़ता है। बार-बार या जरूरत से ज्यादा पेनकिलर खाने के सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए-

सवाल- किन समस्याओं में लोग अक्सर बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेते हैं?
जवाब- बहुत से लोग मामूली या बार-बार होने वाली तकलीफों में खुद ही मेडिकल स्टोर से पेनकिलर खरीदकर खा लेते हैं। ग्राफिक में समस्याओं की लिस्ट देखिए-

सवाल- पेनकिलर का किडनी पर क्या असर होता है? इंदौर में सिर्फ 13 दिन पेनकिलर लेने से व्यक्ति की किडनी क्यों डैमेज हो गई?
जवाब- कुछ पेनकिलर, खासकर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs), किडनी में ब्लड फ्लो कम कर सकती हैं। इससे किडनी की कार्यक्षमता अचानक प्रभावित होती है।
हालांकि, सिर्फ 13 दिन दवा लेने से किडनी डैमेज होना काफी रेयर है। इस मामले में पेनकिलर की मात्रा, प्रकार, डिहाइड्रेशन, पहले से मौजूद हेल्थ कंडीशन और अन्य कारणों की भी भूमिका हो सकती है।
सवाल- पेनकिलर्स सिर्फ किडनी को डैमेज करती हैं या शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचाती हैं?
जवाब- पेनकिलर्स का जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक इस्तेमाल किडनी के अलावा शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। डिटेल ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या पेनकिलर से होने वाला किडनी डैमेज स्थायी होता है?
जवाब- डॉक्टर अजय नायर बताते हैं कि अगर समय रहते दवा बंद कर इलाज शुरू हो जाए तो किडनी की कार्यक्षमता में सुधार हो सकता है। कुछ मामलों में किडनी डैमेज स्थायी भी हो सकता है।
सवाल- क्या कभी-कभार पेनकिलर लेने से भी किडनी डैमेज हो सकती है?
जवाब- आमतौर पर स्वस्थ व्यक्ति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार कभी-कभार पेनकिलर लेने से किडनी डैमेज का रिस्क नहीं होता है। हालांकि, कुछ लोगों में कम समय में भी किडनी पर बुरा असर हो सकता है।
सवाल- किन लोगों के लिए पेनकिलर लेना ज्यादा रिस्की है?
जवाब- डॉक्टर की सलाह के बिना पेनकिलर लेना हर किसी के लिए रिस्की है। लेकिन कुछ लोगों में इसके साइड इफेक्ट का जोखिम ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- पेनकिलर लेने के बाद कौन-से लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
जवाब- पेनकिलर लेने के बाद कुछ असामान्य या गंभीर लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज न करें। ग्राफिक में ऐसे लक्षण देखिए-

सवाल- किन दवाओं के साथ पेनकिलर लेना ज्यादा रिस्की हो सकता है?
जवाब- कुछ दवाओं के साथ पेनकिलर लेने पर साइड इफेक्ट और किडनी डैमेज का रिस्क बढ़ता है। हालांकि कौन-सी दवाएं साथ में सुरक्षित हैं, यह पेनकिलर के प्रकार और व्यक्ति की हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करता है। ग्राफिक में इंटरैक्ट करने वाली दवाएं देखिए-

सवाल- पेनकिलर्स लेने का सही तरीका क्या है?
जवाब- पेनकिलर्स डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें। जरूरत के मुताबिक, कम डोज और कम-से-कम समय के लिए इस्तेमाल करना बेहतर है।

सवाल- जिन सामान्य स्थितियों में लोग थोड़ा भी दर्द सहने के बजाय तुरंत पेनकिलर लेते हैं, उनमें दर्द से राहत पाने का दूसरा सेफ तरीका क्या है?
जवाब- हल्के और सामान्य दर्द में हर बार पेनकिलर लेने की जरूरत नहीं होती। दर्द की वजह के अनुसार कुछ दूसरे उपाय भी राहत दे सकते हैं, जैसेकि-
- सिरदर्द: पर्याप्त पानी पिएं, आराम करें और नींद पूरी करें।
- मांसपेशियों में दर्द: आराम, हल्की स्ट्रेचिंग और गर्म सिंकाई करें।
- मोच या चोट: शुरुआती दौर में आराम और ठंडी सिंकाई मदद कर सकती है।
- कमर दर्द: लंबे समय तक बिस्तर पर रहने की बजाय हल्की एक्टिविटी और स्ट्रेचिंग करें।
- पीरियड्स पेन: हॉट वाटर बैग और हल्की एक्सरसाइज मदद कर सकती है।
- दांत दर्द: अस्थायी राहत के लिए गुनगुने नमक के पानी से कुल्ला कर सकते हैं। लेकिन दर्द का कारण जानने के लिए डेंटिस्ट की सलाह जरूरी है।
****************
ग्राफिक्स- अजीत सिंह
…………………….
ये खबर भी पढ़ें….
जरूरत की खबर- OMAD डाइट से घटाया 38 किलो वजन:क्या ये सेफ है, इसे कैसे फॉलो करें, क्या सावधानी रखें, डाइटीशियन से जानें सबकुछ

हाल ही में कंटेंट क्रिएटर जेफिन ने अपनी वेट लॉस जर्नी के बारे में बताया। उन्होंने एक साल में 38 किलो वजन कम किया। इसके लिए उन्होंने OMAD (वन मील अ डे) डाइट अपनाई। इसमें पूरे दिन में सिर्फ एक मील खाई जाती है। यह तेजी से वेट लॉस का पॉपुलर तरीका है। पूरी खबर पढ़ें…

