प्रयागराज3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

प्रयागराज में टीजीटी पीजीटी के प्रदर्शन के साथ ही शिक्षक भर्ती में भूतपूर्व सैनिकों (एक्स-सर्विसमैन) के लिए निर्धारित 5% क्षैतिज आरक्षण (हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन) खत्म करने का भी विरोध शुरू हो गया है। अभ्यार्थियों ने बताया एक्स-सर्विसमैन के लिए निर्धारित क्षैतिज आरक्षण को नई नियमावली में शामिल नहीं किया जा रहा है। विगत वर्षों में कुल वैकेंसी पर 5% सीटें भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षित रहती थीं, लेकिन आगामी भर्ती में यह प्रावधान हटा दिया गया है, जो सरासर अन्याय है।

रिटायर सैनिकों की शिकायतें और मांगें
पूर्व सैनिक रवींद्र यादव ने बताया कि पिछली 2022 की वैकेंसी में उन्होंने 400 नंबर लाए थे और 100 प्रश्न हल किए थे, लेकिन फिर भी चयन नहीं हो पाया। उन्होंने बीएड की डिग्री प्राप्त की है और आने वाली वैकेंसी के लिए कड़ी मेहनत करना चाहते हैं, लेकिन नई नियमावली में 5% कोटा न मिलने की आशंका जताई है।

पूर्व सैनिक रवींद्र यादव ने बताया कि पिछली 2022 की वैकेंसी में उन्होंने 400 नंबर लाए थे और 100 प्रश्न हल किए थे, लेकिन फिर भी चयन नहीं हो पाया।
राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वे 2022 की वैकेंसी में सिर्फ एक महीने बाद रिटायर हुए थे, लेकिन एनओसी (No Objection Certificate) न माने जाने के कारण उनका चयन रद्द कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उनका स्कोर 352 था और मेरिट 220 तक गई थी। अन्य राज्यों में भूतपूर्व सैनिकों को अधिक आरक्षण मिलता है। राजस्थान में 20% और हरियाणा में 14% जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सैनिक सेवा दे रहे हैं, फिर भी केवल 5% आरक्षण दिया जाता था, जो अब खत्म किया जा रहा है।

राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वे 2022 की वैकेंसी में सिर्फ एक महीने बाद रिटायर हुए थे, लेकिन एनओसी (No Objection Certificate) न माने जाने के कारण उनका चयन रद्द कर दिया गया।
आदित्य सिंह कहा कि भूतपूर्व सैनिकों को मिलने वाला 5% आरक्षण बेवजह खत्म कर दिया गया है और इसे हर हाल में बहाल किया जाना चाहिए।

आदित्य सिंह कहा कि भूतपूर्व सैनिकों को मिलने वाला 5% आरक्षण बेवजह खत्म कर दिया गया है
क्षैतिज आरक्षण का महत्व
क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) सभी वर्टिकल (जैसे SC, ST, और OBC) के भीतर ही समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं, दिव्यांग,भूतपूर्व सैनिकों और ट्रांसजेंडर समुदाय जैसे विशेष वर्गों को दिया जाता है।
नई टीजीटी-पीजीटी भर्ती के अधियाचन (Advertisement) में क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान नहीं रखे जाने से सीधा असर एक्स-सर्विसमैन, स्पोर्ट्सपर्सन और अन्य विशेष श्रेणियों पर पड़ेगा। हाल ही में शिक्षा निदेशालय द्वारा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को भेजे गए अधियाचन में हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन का प्रावधान नहीं रखा गया है।
कैसे मिलता है क्षैतिज अरक्षण
क्षैतिज कोटा (Quota) को ऊर्ध्वाधर श्रेणी से अलग लागू किया जाता है। उदाहरण के लिये यदि महिलाओं के पास 50% क्षैतिज कोटा है तो चयनित उम्मीदवारों (Candidates) में से आधे को ऊर्ध्वाधर कोटा श्रेणी जैसे- अनुसूचित जाति, अनारक्षित वर्ग इत्यादि की महिला होना चाहिये।

