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- Pt. Vijayshankar Mehta Column | Bhakti And Seva Life Philosophy | 2026
2 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
कहते हैं कि सेवक को सपने में भी सुख नहीं मिलता। लेकिन यह बात लक्ष्मण जी और हनुमान जी जैसे सेवकों ने बदल दी। तुलसीदास जी ने लिखा है- कहइ भसुंड सुनहु खगनायक, राम चरित सेवक सुखदायक। भुशुंडि कहते हैं कि पक्षीराज गरुड़ सुनिए, श्रीराम का चरित्र सेवकों को सुख देने वाला है। तो यह तो तय है कि सेवक को सुख मिलेगा, यदि वह श्रीराम से जुड़ा रहेगा।
सेवा प्रदर्शन के लिए भी की जाती है, अहंकार बढ़ाने के लिए भी की जाती है, लेकिन यदि जीवन में भक्ति उतर आए तो फिर जो भी कृत्य होगा, वो सेवा ही होगी। बाजार की दुनिया में इस समय एक शब्द चलता है- गिग वर्कर्स। अपनी शर्तों पर, अपने समय के अनुसार काम करने वाले लोगों को गिग वर्कर्स कहते हैं।
यह सेवक की बिल्कुल नई परिभाषा है। जब कोई व्यक्ति अपने को परमात्मा से जोड़ देता है तो वह गिग वर्कर हो जाता है। सब कुछ आपका है- समय, परिणाम, प्रयास। पर भाव जाग जाता है कि करा कोई और रहा है, कर हम रहे हैं। और कराने वाला ईश्वर है।

