7 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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हाल ही में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्कूल से घर लौट रहे तीन बच्चे घोंघा नदी के तेज बहाव में बह गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों बच्चों की मौत हो गई। वहीं दिल्ली के जसोला में 15 साल का एक लड़का खुले नाले में बह गया।
इन दिनों देश के कई राज्यों में तेज बारिश हो रही है और आए दिन ऐसी घटनाएं सुनने को मिल रही हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर खास सावधानी बरतना जरूरी है।
दरसअल, बारिश के मौसम में जलभराव, खुले नाले और फिसलन भरे रास्ते बच्चों के लिए हादसे का कारण बनते हैं। इतना ही नहीं, बारिश में भीगने और गंदे पानी के संपर्क से सर्दी-खांसी, वायरल फीवर और पेट के संक्रमण जैसी समस्याओं का रिस्क भी बढ़ जाता है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बारिश में स्कूली बच्चों की सेफ्टी पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- मानसून में बच्चों को स्कूल भेजते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- बच्चों के स्कूल बैग में कौन-सी जरूरी चीजें रखनी चाहिए?
एक्सपर्ट: डॉ. भरत जैन, सीनियर कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी, कोकून हॉस्पिटल, चंडीगढ़
सवाल- बारिश में बच्चों को स्कूल भेजते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब- इस दौरान उनकी स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें-

सवाल- बारिश में बच्चों का स्कूल बैग कैसा होना चाहिए?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- वॉटरप्रूफ या वॉटर-रेसिस्टेंट बैग हो।
- बैग पर रेन कवर लगा हो।
- चौड़ी और आरामदायक स्ट्रैप्स हों।
- वजन बच्चे की उम्र के अनुसार हो।
- जिप और सिलाई मजबूत हो।
- रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप्स लगी हों ताकि कम रोशनी में भी दिखे।
- अतिरिक्त मोजे, छाता और रेनकोट रखने की जगह हो।
सवाल- बारिश में बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म से जुड़ी क्या तैयारी करनी चाहिए?
जवाब- इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें-
- बारिश के दिनों में 2-3 सेट यूनिफॉर्म तैयार रखें।
- घर से निकलते समय यूनिफॉर्म को बारिश से बचाने के लिए रेनकोट पहनाएं।
- बैग में एक जोड़ी सूखे मोजे और नैपकिन रखें। ये भीगने पर काम आएगा।
- स्कूल से लौटने के बाद यूनिफॉर्म तुरंत सुखाएं।
- यूनिफॉर्म को अलमारी में रखने से पहले पूरी तरह सूखा लें, ताकि उसमें स्मेल या फंगस न लगे।
- जूते भीगने की स्थिति में एक अतिरिक्त जोड़ी का इंतजाम रखें।
सवाल- बारिश में बच्चों के लिए कौन-से फुटवेयर बेहतर होते हैं?
जवाब- जो फुटवेयर जल्दी फिसलन से बचाएं और जल्दी सूख जाएं वे बच्चों के लिए बेहतर होते हैं, जैसेकि-
- एंटी-स्लिप स्कूल शूज
- वॉटर-रेसिस्टेंट स्पोर्ट्स शूज
- रबर सैंडल
- क्रॉक्स-स्टाइल फुटवेयर
- क्विक-ड्राई फुटवेयर
सवाल- क्या बच्चों को बारिश में भीगने देना ठीक है?
जवाब- नहीं, इससे सर्दी, खांसी और संक्रमण का रिस्क बढ़ता है। अगर वे भीग जाएं तो तुरंत कपड़े बदलकर शरीर को अच्छी तरह सुखाएं।
सवाल- बारिश में बच्चों में कौन-सी बीमारियों का रिस्क बढ़ता है?
जवाब- बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हाती है, इसलिए उनमें बीमारियों का रिस्क ज्यादा होता है। नमी और दूषित पानी इस रिस्क को बढ़ा देते हैं। ग्राफिक में सभी हेल्थ रिस्क देखिए-

सवाल- बारिश में बच्चों काे टिफिन में क्या देना चाहिए और क्या नहीं?
जवाब- बच्चों के टिफिन में ताजा, अच्छी तरह पका और आसानी से पचने वाला खाना दें, जैसेकि-
क्या दें?
- घर का बना ताजा खाना।
- ताजा बना पराठा, रोटी या पूरी।
- अच्छी तरह पकी हुई सब्जियां।
- इडली, उपमा या पोहा।
- मूंग दाल की खिचड़ी।
- मौसमी फल (कटे हुए नहीं)।
- सूखे मेवे और भुने चने।
क्या न दें?
- रात का बचा हुआ खाना।
- मेयोनीज या क्रीम वाली चीजें।
- बहुत ज्यादा तला-भुना और ऑयली खाना।
- जल्दी खराब होने वाले डेयरी प्रोडक्ट्स।
- क्रीम वाली बेकरी आइटम्स।
सवाल- क्या बारिश में बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है?
जवाब- नहीं, बारिश का मौसम सीधे बच्चों की इम्यूनिटी को कमजोर नहीं करता। लेकिन इस मौसम में संक्रमण फैलाने वाले वायरस और बैक्टीरिया ज्यादा एक्टिव होते हैं। इससे बच्चों के बीमारी का रिस्क बढ़ जाता है।
सवाल- अगर बच्चा पैदल स्कूल जाता है तो उसे सड़क सुरक्षा से जुड़ी कौन सी बातें बतानी चाहिए?
जवाब- बारिश में पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियम अच्छी तरह समझाना जरूरी है। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- बारिश में आकाशीय बिजली से सुरक्षा के लिए बच्चों को क्या जरूरी बातें बतानी चाहिए?
जवाब- बारिश के दौरान आकाशीय बिजली का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों को ग्राफिक में दी गई सेफ्टी टिप्स जरूर बताएं।

सवाल- बारिश में बच्चों के लिए रेनकोट बेहतर है या छाता?
जवाब- छोटे बच्चों के लिए रेनकोट ज्यादा सेफ और सुविधाजनक होता है, क्योंकि इसमें दोनों हाथ खुले रहते हैं। बड़े बच्चे छाता इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन तेज हवा या भारी बारिश में रेनकोट ज्यादा उपयोगी होता है।
सवाल- बच्चों के स्कूल बैग में कौन-सी जरूरी चीजें रखनी चाहिए?
जवाब- इसमें कुछ बुनियादी चीजें रखनी जरूरी हैं। पूरी चेकलिस्ट ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या बारिश में रोज बच्चों के बाल धोना जरूरी है?
जवाब- नहीं, रोज बाल धोना जरूरी नहीं है। बालों में पसीना, गंदगी या नमी ज्यादा हो तो धो सकते हैं। बारिश में बालों को ज्यादा देर गीला न रखें, उन्हें जल्द-से जल्द अच्छी तरह सुखाएं।
सवाल- बारिश के मौसम में बच्चों की स्किन और पैरों की केयर कैसे करें?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- भीगने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलें।
- स्किन को अच्छी तरह सुखाएं।
- पैरों को रोज साफ पानी से धोएं।
- पैरों को हमेशा सूखा रखने की कोशिश करें।
- हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं।
- गीले मोजे लंबे समय तक न पहनने दें।
- साफ और सूखे जूते-मोजे पहनाएं।
- नाखून साफ और छोटे रखें।
- तौलिया, मोजे और जूते शेयर न करने दें।
- स्किन पर खुजली या रैशेज दिखें तो डॉक्टर से सलाह लें।
सवाल- अगर बच्चा बारिश में भीगकर घर आए तो क्या करें?
जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाएं, ताकि सर्दी, संक्रमण या अन्य समस्याओं का रिस्क न हो। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- बारिश में बच्चों को हाइजीन की कौन-सी आदतें सिखानी चाहिए?
जवाब- बारिश के मौसम में संक्रमण का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों को अच्छी हाइजीन की आदतें सिखाना जरूरी है। ग्राफिक में हाइजीन हैबिट्स देखिए-

सवाल- बारिश में स्कूल बंद होने की जानकारी या मौसम का अपडेट कहां से लें?
जवाब- इसके लिए आधिकारिक सोर्सेज से जानकारी लें, जैसेकि-
- स्कूल के ऑफिशियल मैसेज से।
- स्कूल एप या वॉट्सएप ग्रुप से।
- स्थानीय मौसम विभाग के अलर्ट्स से।
सवाल- किन स्थितियों में बच्चे को स्कूल नहीं भेजना चाहिए?
जवाब- कुछ स्थितियों में बच्चे को स्कूल भेजना परेशानी खड़ी कर सकता है, जैसेकि-
- बच्चे को बुखार हो।
- लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी हो।
- उल्टी या दस्त की शिकायत हो।
- आंखों में संक्रमण (आई फ्लू) हो।
- भारी बारिश या जलभराव से स्कूल पहुंचना असुरक्षित हो।
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