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छत्तीसगढ़ के धमतरी में सर्व आदिवासी समाज ने UCC (यूनिफॉर्म सिविल कोड) समेत कई मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान समाज ने सरकार से अपनी कई मांगें भी रखीं। सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद नेताम ने धर्मांतरण को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि समाज ने RSS को राजाराव पठार मेले में अतिथि बनाकर धर्मांतरण को समझने की कोशिश की है। मीडिया से बात करते हुए आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने धर्मांतरण पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि दो साल पहले राजाराव पठार में पहली बार RSS के किसी व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाया गया था। नेताम ने बताया कि उन्होंने अध्ययन किया कि धर्मांतरण के खिलाफ कौन सी संस्था काम कर रही है, तो पता चला कि RSS थोड़ा-बहुत काम कर रहा है। अरविंद नेताम बोले- धड़ल्ले से हो रहा धर्मांतरण उन्होंने आगे कहा कि 50 साल पहले समाज में छोटी सी घटना होने पर भी बैठकें होती थीं। अब धड़ल्ले से धर्मांतरण हो रहा है, लेकिन समाज में इस पर कोई चर्चा नहीं है। इसलिए उन्होंने संघ के लोगों को बुलाकर इस मुद्दे को समझने और सीखने की कोशिश की है। राजाराव पठार के बाद से करीब दो साल हो गए हैं और समाज के बीच इन विषयों को उठाया जा रहा है। इससे उत्तर बस्तर में थोड़ी जागरूकता आई है और दक्षिण बस्तर में भी आ रही है। FCRA कानून के समर्थन में उतरे अरविंद नेताम नेताम ने FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से इसे तत्काल कानून बनाने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने FCRA कानून का समर्थन किया। RSS पर उन्होंने कहा कि उनके संगठन में एक हाथ को नहीं पता होता कि दूसरा हाथ क्या कर रहा है। यह उनकी खासियत है कि वे अपने मुंह से कुछ नहीं निकालते। कांग्रेस द्वारा RSS की बार-बार आलोचना करने पर अरविंद नेताम ने कहा कि राजनीतिक दलों में एक-दूसरे की आलोचना करना सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने यह भी कहा कि RSS कांग्रेस की मदर यूनिट है। RSS के करीब 52 आनुषांगिक संगठन हैं और सभी की माता वही है। नेताम के अनुसार, हर चीज नागपुर से होती है। नेताम बोले- धर्मांतरण का सबसे बड़ा कारण प्रलोभन धर्मांतरण के कारणों पर अरविंद नेताम ने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक इसका सबसे बड़ा कारण प्रलोभन है। उन्होंने कहा कि मिशनरी किसी व्यक्ति को अपने संपर्क में लेने के बाद लगातार उसके संपर्क में रहते हैं और उसे अपने साथ जोड़ने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, इसकी लगातार निगरानी भी की जाती है। अरविंद नेताम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस मुद्दे का गहराई से अध्ययन किया है और मिशनरी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पर धर्मांतरण के मुद्दे पर नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी ने इस विषय पर कभी स्पष्ट रूप से अपनी बात नहीं रखी। नक्सलवाद और मिशनरी गतिविधियों के बीच संबंध के सवाल पर नेताम ने कहा कि अबूझमाड़ में लंबे समय तक नक्सलियों का प्रभाव रहा, जिसके कारण आम लोगों का वहां पहुंचना मुश्किल था। इसके बावजूद मिशनरियों के वहां पहुंचने और काम करने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें दोनों के बीच संबंधों की जानकारी मिली। उन्होंने इसे एक खतरनाक गठजोड़ बताया।
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अरविंद नेताम बोले- कांग्रेस धर्मांतरण पर सॉफ्ट रही:मिशनरी और नक्सलवाद के बीच खतरनाक गठजोड़ बताया, RSS से धर्मांतरण समझने की कोशिश की
