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आहोर में भाजपा का बोर्ड बनना तय:चेयरमैन पद के लिए विधायक छगन सिंह राजपुरोहित ने 4 नाम आलाकमान को भेजे




आहोर नगरपालिका चुनाव-2026 के नतीजे आने के बाद भाजपा का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है। 25 वार्डों वाली नगरपालिका में भाजपा ने 13 सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़े दल के रूप में अपनी जगह बनाई है। कांग्रेस को 8 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 4 सीटें मिली हैं। अब सभी की नजरें चेयरमैन पद पर टिक गई हैं। चेयरमैन का पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में भाजपा में चेयरमैन पद के दावेदारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित ने बताया कि पार्टी ने चेयरमैन पद के लिए चार नाम आलाकमान को भेजे हैं। अब इन नामों में से किसे मौका दिया जाएगा, इसका अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। विधायक के अनुसार, कुछ निर्दलीय पार्षद भी भाजपा को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में बोर्ड बनाने को लेकर भाजपा की स्थिति और मजबूत हो सकती है। चेयरमैन की रेस में भाजपा के चार प्रमुख चेहरे बिशन सिंह सोलंकी: संगठन में 15 साल सक्रिय, विधानसभा से संभाग तक संभाली जिम्मेदारी वार्ड नंबर 22 से भाजपा के टिकट पर बिशन सिंह सोलंकी निर्वाचित हुए हैं। उन्हें 153 वोट मिले। बिशन सिंह करीब 15 वर्षों से भाजपा संगठन में सक्रिय हैं। उन्होंने विधानसभा संयोजक और जिला मीडिया संयोजक जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाले हैं। इसके अलावा संभाग स्तर पर भी उन्होंने संगठन की जिम्मेदारी निभाई है। पार्टी के अलग-अलग संगठनात्मक स्तरों पर काम करने का उनका अनुभव चेयरमैन पद के लिए उनकी दावेदारी को मजबूत करता है। हेमाराम प्रजापत: 300 वोट की मजबूत जीत, 25 साल का संगठनात्मक अनुभव वार्ड नंबर 25 से निर्वाचित हेमाराम प्रजापत चेयरमैन पद की दौड़ में प्रमुख नामों में शामिल हैं। उन्होंने वार्ड में 190 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। हेमाराम करीब 25 वर्षों से भाजपा से जुड़े हुए बताए जाते हैं। वे बूथ अध्यक्ष, मंडल कार्यकारिणी सदस्य और मंडल उपाध्यक्ष सहित संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्तमान में वे मंडल उपाध्यक्ष के दायित्व पर हैं। लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े रहने के साथ चुनाव में मिली मजबूत जीत उनकी दावेदारी का प्रमुख आधार मानी जा रही है। हकमाराम: सिर्फ एक वोट से जीत, लेकिन 30 साल का पार्टी अनुभव वार्ड नंबर 13 से हकमाराम ने बेहद कांटे के मुकाबले में जीत दर्ज की। उन्हें 140 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के सांवलराम को 139 वोट मिले। इस तरह हकमाराम ने महज एक वोट के अंतर से जीत हासिल की। हकमाराम करीब 30 वर्षों से भाजपा से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2020 के करीब उन्होंने आहोर के मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली थी। लंबे समय का संगठनात्मक अनुभव और पार्टी में सक्रिय भूमिका उन्हें चेयरमैन पद के लिए महत्वपूर्ण दावेदार बनाती है। सुरेश कुमार: निर्विरोध जीत, चुनाव से पहले ही तय हुई जीत वार्ड नंबर 18 से सुरेश कुमार निर्विरोध निर्वाचित हुए। कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद उनके सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं रहा और उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। निर्विरोध जीत ने उन्हें अन्य दावेदारों से अलग स्थिति में ला दिया है। ऐसे में चेयरमैन पद के लिए पार्टी की ओर से भेजे गए चार नामों में उनका शामिल होना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चार दावेदार, चार अलग समीकरण भाजपा के चारों दावेदारों की राजनीतिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि अलग-अलग है।हेमाराम प्रजापत के पास करीब 25 वर्षों का संगठनात्मक जुड़ाव है और चुनाव में मजबूत जीत का आधार है। हकमाराम करीब 30 वर्षों से पार्टी से जुड़े हुए हैं और आहोर मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। बिशन सिंह सोलंकी के पास विधानसभा से लेकर जिला और संभाग स्तर तक संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने का अनुभव है। वहीं सुरेश कुमार निर्विरोध निर्वाचित होकर पार्टी की सूची में अपनी अलग स्थिति रखते हैं। दो वार्डों में एक वोट ने बदला चुनावी समीकरण आहोर नगरपालिका चुनाव के परिणाम में वार्ड नंबर 13 और वार्ड नंबर 17 सबसे रोमांचक रहे। दोनों वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों ने महज एक-एक वोट से जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 13 में भाजपा के हकमाराम को 140 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के सांवलराम को 139 वोट मिले। वहीं वार्ड नंबर 17 में भाजपा की चंदा लोहार को 101 वोट और उनकी प्रतिद्वंद्वी भावना को 100 वोट मिले। यानी दोनों वार्डों में महज एक-एक वोट ने भाजपा के पक्ष में परिणाम तय किया। इन दोनों सीटों के परिणाम भाजपा के 13 सीटों तक पहुंचने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए। वोटों के लिहाज से भी रहा रोचक मुकाबला उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वार्ड नंबर 2 से कांग्रेस के मुकेश कुमार को 373 वोट मिले, जो विजेता प्रत्याशियों में सर्वाधिक हैं। भाजपा की ओर से वार्ड नंबर 1 के हेमाराम मीणा को300 वोट मिले। वहीं सबसे कम वोट लेकर जीत दर्ज करने वाले विजेताओं में वार्ड नंबर 17 की भाजपा प्रत्याशी चंदा लोहार और वार्ड नंबर 13 के हकमाराम शामिल हैं। दोनों ने अपने-अपने वार्ड में महज एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की।



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