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19 सितंबर को राहुल गांधी इंदौर में युवाओं के बीच होंगे, लेकिन उससे पहले ही MP में भाजपा और RSS ने भी मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस के मुताबिक, ‘छात्रों की गूंज’ के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। 17 सितंबर को भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन पहली बार मध्य प्रदेश आएंगे। इसी दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत उज्जैन में रहेंगे और 18 सितंबर को ‘युवा धर्म संसद’ में युवाओं को संबोधित करेंगे। एक ही हफ्ता, एक ही राज्य, तीन बड़े नाम और फोकस में एक ही वर्ग- युवा। सवाल है, दोनों पार्टियों का ध्यान अचानक इतना क्यों बढ़ गया है; समझते हैं मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में… सवाल 1: राहुल के कार्यक्रम से 2 दिन पहले नितिन-भागवत का MP में होना- क्या यह सिर्फ संयोग है? जवाब- तारीखें भले ही एक-दूसरे के बेहद करीब हैं, लेकिन दोनों दल इसे अलग-अलग वजहों से जोड़कर देख रहे हैं। सवाल 2: भाजपा-कांग्रेस दोनों अचानक युवाओं के पीछे क्यों पड़ी हैं? जवाब- CJP आंदोलन के बाद युवाओं के गुस्से और उनकी राजनीतिक ताकत पर पार्टियों का ध्यान बढ़ा है। सवाल 3: MP में युवा वोट का इतना शोर क्यों है, क्या कोई असर भी है? जवाब- MP में 18 से 29 साल के करीब 1.5 करोड़ मतदाता हैं, यानी कुल वोटर का लगभग 27%। सवाल 4: युवा वोट की बात हो रही है, लेकिन युवाओं के मुद्दे क्या हैं? जवाब- नेताओं के एजेंडे और युवाओं की प्राथमिकताओं के बीच यहीं सबसे बड़ा फर्क दिखता है। सवाल 5: युवाओं पर इतना फोकस अभी क्यों, क्या 2028 की तैयारी शुरू हो गई? जवाब- दोनों। युवाओं तक पहुंच बनाना अभी की जरूरत भी है और 2028 की चुनावी तैयारी भी। मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर का ये एपिसोड भी पढ़िए…
सिर्फ 15 हजार में बांग्लादेशी बन गए भारतीय?:40+ फर्जी पासपोर्ट, एक पता-एक गवाह एक बौद्ध मठ का पता… और उसी एक पते पर 40 से ज्यादा भारतीय पासपोर्ट। STF के मुताबिक, बांग्लादेश से आए लोगों को फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पहचान दिलाई गई और उन्हीं कागजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल किए गए…पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए।
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राहुल से 2 दिन पहले नितिन नबीन-भागवत MP में क्यों?:सिर्फ इत्तेफाक या ‘छात्रों की गूंज’ का सियासी काउंटर; टाइमिंग पर उठे सवाल
