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कटनी जंक्शन के आउटर क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे अब खुद निगरानी से बाहर हो गए हैं। लाखों रुपए की लागत से लगाए गए 16 अत्याधुनिक कैमरों में फिलहाल केवल 4 ही चालू हैं, जबकि 12 कैमरे तकनीकी खराबी और सिग्नल समस्या के कारण बंद पड़े हैं। इससे आउटर क्षेत्रों में अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है। स्टेशन पर हो रहे मोबाइल लूट और झपटमारी कटनी जंक्शन पश्चिम मध्य रेलवे का प्रमुख जंक्शन है, जहां से प्रतिदिन पांच दिशाओं में ट्रेनें संचालित होती हैं। स्टेशन से जुड़े कटनी, मुड़वारा और कटनी साउथ के आउटर लंबे समय से मोबाइल लूट, चेन स्नेचिंग और यात्रियों से मारपीट जैसी वारदातों के लिए संवेदनशील रहे हैं। ट्रेन की रफ्तार धीमी होने या सिग्नल पर रुकने का फायदा उठाकर बदमाश वारदात को अंजाम देते हैं। वर्तमान में इन्हीं संवेदनशील क्षेत्रों के अधिकांश कैमरे बंद हैं। 44 कैमरे लगाने की थी योजना, पहले चरण के 16 भी पड़े बंद बढ़ते अपराधों को देखते हुए वर्ष 2024 में जीआरपी जबलपुर ने आउटर क्षेत्रों में 44 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई थी। पहले चरण में अगस्त 2024 में 16 हाई-रिजॉल्यूशन और नाइट विजन कैमरे लगाए गए थे। लेकिन दो साल के भीतर ही इनमें से 12 कैमरे बंद हो गए। मेंटेनेंस के अभाव में पूरी निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। कंट्रोल रूम में सिर्फ चार कैमरों की तस्वीरें जीआरपी थाना परिसर स्थित कंट्रोल रूम में लगी एलईडी स्क्रीन पर वर्तमान में सिर्फ चार कैमरों की लाइव फीड दिखाई दे रही है। नियम के अनुसार यहां 24 घंटे पुलिसकर्मियों की शिफ्टवार ड्यूटी रहती है, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखकर फील्ड स्टाफ को अलर्ट करते हैं। लेकिन अधिकांश कैमरे बंद होने से सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ गई है। मेंटेनेंस कंपनी को भेजा नोटिस जीआरपी थाना प्रभारी अनिल मरावी ने बताया कि कुछ कैमरों में सिग्नल ड्रॉप और तकनीकी खराबी की समस्या आई है। इस संबंध में मेंटेनेंस कंपनी को लिखित सूचना भेजी गई है। जल्द ही सभी कैमरों को दुरुस्त कर दोबारा चालू कराया जाएगा, ताकि आउटर क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बहाल हो सके।
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कटनी जंक्शन आउटर पर 12 CCTV कैमरे ठप:अपराधी सक्रिय, लूटपाट की आशंका; जीआरपी बोले-मेंटेनेंस कंपनी को भेजा नोटिस
