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करनाल जिला के निसिंग क्षेत्र में हाबड़ी ब्रांच की बस्तली नहर में डूबे पिता-पुत्र के शव दो दिन बाद बरामद कर लिए गए। गांव वीर बड़ालवा के रहने वाले दोनों खेत में फसल पर स्प्रे करने गए थे। पानी लेने के दौरान 20 वर्षीय युवक नहर में गिर गया। उसे बचाने के लिए पिता ने भी नहर में छलांग लगा दी। तेज बहाव के कारण दोनों डूब गए। अब पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे दिए गए। जिसके बाद शाम को दोनों का एक साथ अंतिम सांस्कार किया गया। खेत में स्प्रे के लिए गया था 20 वर्षीय मानुष
जानकारी के अनुसार गांव वीर बड़ालवा निवासी सतनाम अपने 20 वर्षीय बेटे मानुष के साथ खेत में फसल पर स्प्रे करने के लिए गए थे। खेत के पास ट्यूबवेल की सुविधा नहीं थी। स्प्रे की टंकी में पानी भरने के लिए मानुष पास से गुजर रही हाबड़ी ब्रांच की बस्तली नहर के पास पहुंचा। पानी लेने की कोशिश के दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। मानुष को नहर में डूबता देखकर उसके साथी ने भी उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण वह सफल नहीं हो सका। इसी दौरान कुछ दूरी पर मौजूद उसके पिता सतनाम को बेटे के नहर में गिरने की जानकारी मिली। बेटे को बचाने के लिए पिता ने भी लगा दी छलांग
बेटे को पानी में संघर्ष करते देख सतनाम ने उसकी जान बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। बताया गया कि सतनाम को तैरना भी नहीं आता था। इसके बावजूद उन्होंने बेटे को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। नहर का बहाव तेज होने के कारण दोनों पानी में बह गए और गहरे पानी में लापता हो गए। हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने दोनों की तलाश शुरू की। नहर में लगातार खोज अभियान चलाया गया। करीब दो दिन तक चले तलाशी अभियान के बाद राजौंद गांव के पास नहर से पिता-पुत्र दोनों के शव बरामद हुए। शव मिलने की सूचना से परिवार में पसरा मातम
दोनों शव मिलने की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में मातम छा गया। जिस पिता ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए नहर में छलांग लगाई थी, आखिरकार दोनों की जान चली गई। घटना से गांव वीर बड़ालवा में भी शोक का माहौल है। परिवार अब दोनों के शवों के पोस्टमार्टम के बाद गांव में दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे शव
पुलिस जांच अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि मानुष खेत में फसल पर स्प्रे करने का काम कर रहा था। गर्मी के कारण वह नहर की तरफ पानी लेने गया था। इसी दौरान वह पानी में डूब गया। उसे बचाने के लिए उसके पिता सतनाम ने भी नहर में छलांग लगा दी। अधिकारी के अनुसार सतनाम को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण दोनों पानी में डूब गए। पुलिस ने दोनों शव बरामद कर लिए हैं। मजदूरी के साथ खेतों में स्प्रे कर चलाते थे परिवार
परिजनों के मुताबिक सतनाम और मानुष मजदूरी करने के साथ खेतों में फसल पर स्प्रे करने का काम भी करते थे। हादसे के दिन भी दोनों इसी काम के लिए खेत में गए थे। स्प्रे की टंकी खाली होने के बाद मानुष पानी लेने नहर की तरफ गया था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह पानी में गिर गया और उसे बचाने की कोशिश में उसके पिता भी नहर में उतर गए। एक साथ निकली पिता-पुत्र की अंतिम यात्रा
दो दिन की तलाश के बाद पिता-पुत्र के शव मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार की ओर से पिता सतनाम और बेटे मानुष का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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करनाल नहर में डूबे पिता पुत्र की मौत का मामला:दोनों के शव हुए बरामद, बेटे को डूबता देख पिता ने बिना अपनी जान की परवाह किए लगाई छलांग
