कांकेर में मादा भालू ने ग्रामीणों को दौड़ाया:गड्ढे में गिरे 2 शावकों को वन विभाग ने सुरक्षित निकाला, सतर्क रहने की अपील




कांकेर वन परिक्षेत्र के ग्राम कोकपुर में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मादा भालू ने मॉर्निंग वॉक और खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों को अचानक दौड़ाना शुरू कर दिया। हालांकि, इस घटना में किसी भी ग्रामीण को कोई चोट या नुकसान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों और वन विभाग को सूचना दी। ग्राम के उपसरपंच चुनेश्वर जैन के अनुसार, मादा भालू रात के समय विचरण करते हुए पहाड़ी क्षेत्र की ओर गई थी। वापस लौटते समय उसके दो शावक सड़क किनारे स्थित करीब 7 फीट गहरे पुराने सेप्टिक गड्ढे में गिर गए। मादा भालू अपने दोनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकालने का लगातार प्रयास करती रही, लेकिन गड्ढा अधिक गहरा होने के कारण वह उन्हें बाहर नहीं निकाल पा रही थी। इसी घबराहट में वह सड़क पर आकर विचरण कर रही थी और आसपास मौजूद ग्रामीणों को दौड़ाने लगी। जानिए पूरा मामला सुबह मॉर्निंग वॉक और खेतों की ओर जा रहे नवल गावड़े, चिंताराम जैन और अन्य ग्रामीणों ने मादा भालू को देखा। भालू के अचानक दौड़ाए जाने से ग्रामीणों में कुछ देर के लिए भय का माहौल बन गया। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि मादा भालू के दोनों शावक सड़क किनारे गहरे गड्ढे में फंसे हुए हैं। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना ग्राम पंचायत की सरपंच निशा दुग्गा और उपसरपंच चुनेश्वर कुमार जैन को दी। सरपंच और उपसरपंच ने बिना देर किए वन विभाग को घटना की जानकारी देकर वन अमले को मौके पर बुलाया। सूचना मिलते ही वन विभाग के बीट ऑफिसर चंद्रशेखर तेता मौके पर पहुंचे। वन्यप्राणी विशेषज्ञ चेतन पवार को भी सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया गया। चेतन पवार के पहुंचने के बाद सबसे पहले ड्रोन के माध्यम से घटनास्थल और गड्ढे की स्थिति का जायजा लिया गया। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से शावकों को सुरक्षित रेस्क्यू करने की योजना बनाई गई। शावक खुद सीढ़ी के सहारे बाहर निकले वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने मिलकर गहरे गड्ढे में एक सीढ़ी (सीढ़ी) सुरक्षित तरीके से उतारी, ताकि दोनों शावक खुद सीढ़ी के सहारे बाहर निकल सकें। रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने पूरी सावधानी बरती, जिससे मादा भालू और उसके दोनों शावकों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। ग्रामीणों की तत्परता और वन विभाग की सूझबूझ से दोनों भालू शावकों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिली। घटना के दौरान ग्रामीणों ने भी वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और समझदारी का परिचय देते हुए वन विभाग को तत्काल सूचना देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांकेर वन परिक्षेत्र अधिकारी अमितेश परिहार ने बताया कि कोकपुर के ग्रामीण के द्वारा भालू गढ्डे में गिरने की सूचना मिली थी तब वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची जहां से 2 भालू के शावकों को गड्ढे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील घटना के बाद ग्रामीणों से अपील की गई है कि जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र के आसपास सुबह-शाम अकेले न जाएं और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विशेषकर यदि किसी वन्यजीव के बच्चे दिखाई दें तो उनके आसपास जाने से बचें, क्योंकि ऐसी स्थिति में मादा वन्यजीव अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए आक्रामक हो सकती है।



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