![]()
भास्कर न्यूज|गुमला लोकतंत्र एवं संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, तथा एसआईआर के विरोध में कांग्रेस ने गांधी स्मारक से ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकाला। जिला अध्यक्ष राजनील तिग्गा के नेतृत्व में निकले इस मार्च को कांग्रेस ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष, तथा काला दिवस के रूप में मनाया। कार्यकर्ता काली पट्टी और काली टी-शर्ट पहनकर मार्च में शामिल हुए। मार्च के दौरान कार्यकर्ता नारे लगाते रहे— “लोकतंत्र की रक्षा कौन करेगा? हम करेंगे।” “पहले लड़े थे गोरों से। अब लड़ेंगे वोट चोरों से।” “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो।” “वोट चोर कहां मिलेंगे? भाजपा के दफ्तर में।” कार्यकर्ताओं ने एसआईआर के माध्यम से मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। मार्च गांधी स्मारक से निकलकर कचहरी मार्ग, जशपुर रोड, पटेल चौक, मेन रोड, तथा हाई स्कूल रोड होते हुए पुनः जशपुर रोड पहुंचा। इसके बाद मार्च बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष पहुंचा। वहां कांग्रेस नेताओं ने माल्यार्पण किया। लोकसभा प्रभारी अशोक कुमार चौधरी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता। यह हर पात्र नागरिक के वोट की सुरक्षा से मजबूत होता है। लोकसभा सह प्रभारी विजय खां ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब देना निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता के मन में उठ रहे सवालों को दबाने के बजाय उनका समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। राजनील ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बनाने का अधिकार जनता को है। जनता के इस अधिकार की रक्षा करना कांग्रेस का दायित्व है। मार्च में सीमा सीता एक्का, रोहित उरांव, संजीव उर्फ मिठु मलानी, अरुण कुमार, गुलाम सरवर, सुशील कुमार होता, रूपेश कुमार, जय सिंह, गंगा उरांव, चंद्रशेखर उरांव, अल्बर्ट तिग्गा, अमृता भगत, विजय ठाकुर, डॉ. चंद्र किशोर केरकेट्टा, ज्योति कुजूर, यशोदा देवी, जहांगीर आलम, फिरोज आलम आदि शामिल थे।
Source link
कांग्रेस ने निकाला लोकतंत्र बचाओ मार्च काली पट्टी व टी-शर्ट में शामिल हुए नेता
