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कांग्रेस-प्रभारी के सामने नेता भिड़े, एक सस्पेंड, दूसरे को नोटिस:कार्यशैली को लेकर शिकायत करने पर शुरू हुई थी बहस, मारपीट में बदली




आगामी पंचायत राज और नगर निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित पहली संगठनात्मक बैठक में हंगामा हो गया। बंद कमरे में चल रही फीडबैक बैठक के दौरान निवाई विधानसभा प्रभारी की शिकायत को लेकर कांग्रेस के दो नेताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला धक्कामुक्की और मारपीट तक पहुंच गया। निवाई के वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री राम चौधरी ने निवाई के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राजेश चौधरी पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वे इस मामले की शिकायत रविवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से मिलकर करेंगे। वहीं देर रात कांग्रेस जिलाध्यक्ष सऊद सईदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजेश चौधरी को पार्टी से निलंबित कर दिया, जबकि श्री राम चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। चुनावी रणनीति के लिए बुलाई गई थी बैठक
शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में पंचायत राज और नगर निकाय चुनावों की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें जिला प्रभारी एवं आमेर विधायक प्रशांत शर्मा, सह प्रभारी सुमित गर्ग, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा, निवाई के पूर्व विधायक कमल बैरवा सहित जिलेभर के पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यालय के बड़े हॉल में कार्यकर्ताओं की बैठक चल रही थी। इसी दौरान जिला प्रभारी और सह प्रभारी ने निवाई ब्लॉक के चुनिंदा पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में अलग से फीडबैक बैठक शुरू की। इस बैठक में करीब 5-6 प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यशैली को लेकर शिकायत करने पर शुरू हुई थी बहस
इसी दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री राम चौधरी ने जिला प्रभारी के सामने निवाई विधानसभा प्रभारी राजेंद्र चौधरी की कार्यशैली को लेकर शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा प्रभारी केवल एक गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं को महत्व देते हैं और पुराने और समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद नहीं करते। शिकायत सुनते ही बैठक में मौजूद पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राजेश चौधरी नाराज हो गए और दोनों नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच पहले धक्कामुक्की हुई, जिसके बाद मारपीट हो गई। इस दौरान श्री राम चौधरी की नाक पर हल्की चोट आने की बात सामने आई है। बंद कमरे से शोर-शराबे की आवाज सुनकर बाहर चल रही बैठक में मौजूद नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और दोनों नेताओं को अलग कर मामला शांत कराया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से जिला प्रभारी प्रशांत शर्मा और सह प्रभारी सुमित गर्ग भी हैरान रह गए। कांग्रेस के निवर्तमान जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच धक्कामुक्की हुई थी। उन्होंने कहा कि दोनों को समझा दिया गया है कि भविष्य में इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाए।



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