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ग्रीन सिटी का नया प्लान: चंडीगढ़ के जंगलों में बनेंगी 2 और झीलें



सुखना का पानी हुआ साफ… ऑक्सीजन लेवल भी बढ़ा… चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी की अप्रैल से जून 2026 की वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग रिपोर्ट के मुताबिक, सुखना के पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ा है, पानी को धुंधला बनाने वाले ठोस कणों में गिरावट आई है। डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन अप्रैल 2026 में 7.4 एमजी/लीटर था, जून में 10.0 एमजी/लीटर हो गया। टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स अप्रैल में 116 एमजी/लीटर था जो जून में घटकर 33 एमजी/लीटर रह गया। सिटी ब्यूटीफुल में ग्राउंड वॉटर रिचार्ज और सॉइल-मॉइश्चर कंजर्वेशन को मजबूती देने के लिए फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट 2 नई वॉटर बॉडीज बनाने जा रहा है। ये झीलें टूरिज्म के बजाय पूरी तरह पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से जंगलों के भीतर तैयार होंगी। इनमें से पहली वॉटर बॉडी पटियाला की राव (धनास के पास लगते जंगल) में और दूसरी सुखना-चो में सुखना लेक के निचले हिस्से (दड़वा या हल्लोमाजरा से सटे फॉरेस्ट एरिया) में बनाने की योजना है। इससे न सिर्फ ग्राउंड वॉटर लेवल सुधरेगा, बल्कि आसपास के ग्रीन एरिया को भी सीधा फायदा मिलेगा। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित पूर्व कॉलोनी नंबर 4 की जमीन पर प्रशासन सिटी फॉरेस्ट तैयार कर रहा है। यहां 2 बड़ी वाटर बॉडीज बनकर तैयार हो चुकी हैं, जो मॉनसून में बारिश के पानी से भर गई हैं। पूरे इलाके में प्लांटेशन पूरी हो चुकी है और अब एन्वायर्नमेंट कंजर्वेशन की जानकारी देने वाले नेचुरल वॉकवे बनाए जा रहे हैं। प्लांटेशन का 90% टारगेट पूरा, 3.15 लाख में से 3 लाख पौधे लगे… मॉनसून सीजन में पौधे लगाने का 90% काम पूरा कर लिया गया है। कुल तय 3.15 लाख पौधों के टारगेट में से करीब 3 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं और बाकी बचे पौधे भी जल्द लगा दिए जाएंगे। नगर निगम, इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट समेत विभिन्न विभागों को हर साल प्लांटेशन का टारगेट दिया जाता है। कॉलोनी नंबर 4 की जमीन पर इको-टूरिज्म सिटी फॉरेस्ट तैयार पौधे बचे या सूखे… अब दो बार होगी चेकिंग; प्रशासक खुद करेंगे रिव्यू



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