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शिक्षक एमएलसी चुनाव में डा. संजयन त्रिपाठी के सपा ज्वाइन करने के बाद भाजपा खेमे में भी हलचल है। पार्टी वोटों का बिखराव रोकने की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा की विचारधारा से जुड़े उन शिक्षक नेताओं को मनाने की सिलसिला शुरू हो गया है, जो चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी कर रहे हैं। ऐसे ही एक नेता देशबंधु शुक्ला को भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष ने मना लिया है। देशबंधु 5 अक्टूबर को नामांकन करने वाले थे। अब उन्होंने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को समर्थन की घोषणा की है। पार्टी एक-एक वोट को महत्वपूर्ण मान रही है और इसके लिए अभी कई और दावेदारों को अपने पाले में लाने की कोशिश होगी। देशबंधु शुक्ला शिक्षक जगत में चर्चित नाम हैं। शिक्षकों की लड़ाई के लिए जाने जाते हैं। पहले भी शिक्षक एमएलसी का चुनाव लड़ चुके हैं। 2020 के चुनाव में उन्हें 211 वोट मिले थे। इस बार उनके साथ भी सहानूभूति थी। लेकिन पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के आग्रह पर वह मान गए और नामांकन न करने का निर्णय लिया है। भावुक हो गए देशबंधु देशबंधु शुक्ला भाजपा से अपने जुड़ाव को बताते हुए भावुक हो गए। 1982 से वह इस विचारधारा के साथ जुड़े रहे। 1986 से गोरखपुर महानगर में सक्रिय हैं। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय शनिवार की शाम उनके राप्तीनगर स्थित आवास पहुंचे थे। वहां उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का संदेश दिया। देशबंधु शुक्ला ने कहा कि जिस पार्टी ने मुझे सम्मान दिया है, सारे विपक्षी जब एकजुट होकर उसे हराना चाहते हैं तो मैं यह कैसे होने दे सकता हूं। एकजुटता के लिए मैंने नामांकन न करने का निर्णय लिया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष का जो निर्देश होगा, उसके मुताबिक काम करूंगा। भाजपा के प्रत्याशी का हर तरह से सहयोग होगा। क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने बताया कि मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष के सम्मान में देशबंधु शुक्ला ने भाजपा प्रत्याशी का समर्थन करने की घोषणा की है। वह पार्टी के काफी पुराने कार्यकर्ता हैं। वर्षों से निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं। इस दौरान क्षेत्रीय महामंत्री राहुल श्रीवास्तव, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रणजीत राय बड़े, एमएलसी चुनाव संयोजक बृजेश मणि मिश्र, मीडिया प्रभारी राहुल तिवारी आदि पदाधिकारी मौजूद रहे। ब्राह्मण नेताओं पर भाजपा का फोकस फिलहाल चुनाव लड़ने का दावा कर रहे ब्राह्मण नेताओं पर भाजपा का फोकस है। संजयन त्रिपाठी के पक्ष में भी ब्राह्मण वोट पड़ने की संभावना है। ऐसे में यदि भाजपा की विचारधारा से जुड़े ब्राह्मण प्रत्याशी भी मैदान में रहे तो भाजपा को मिलने वाले ब्राह्मण मतों में कटौती हो सकती है। इसलिए अभी कुछ और नेताओं से पार्टी पदाधिकारी संपर्क में हैं।
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वोटों का बिखराव रोकने में जुटी भाजपा:शिक्षक एमएलसी का पर्चा लेने वाले देशबंधु शुक्ला को मनाया; ध्रुव का साथ देंगे
