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चंडीगढ़ में नशे पर एक्शन, 11 दिन में 120 गिरफ्तार:हॉटस्पॉट पर पुलिस की रेड, 119 FIR; नशा मुक्त की 30 सितंबर डेडलाइन




चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। 11 दिन में एनडीपीएस एक्ट के तहत 119 केस दर्ज कर करीब 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 296 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। पुलिस की टीमें नशे के हॉटस्पॉट पर छापेमारी और तलाशी अभियान चला रही हैं। चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई में अभी तक मुख्य रूप से शहर के अंदर नशे के साथ पकड़े गए आरोपी सामने आए हैं। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि ये लोग पंजाब, हरियाणा, दिल्ली या हिमाचल प्रदेश के किसी शहर से नशा लेकर चंडीगढ़ पहुंचते थे या चंडीगढ़ के अंदर ही किसी नेटवर्क से उन्हें नशा मिल रहा था। पुलिस पुराने अपराधियों और पहले नशे से जुड़े मामलों में सामने आ चुके लोगों की गतिविधियों की जांच कर रही है। इसके साथ ही सुनसान इमारतों, जंगलों, मकानों और कॉलोनियों में भी तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस और प्रशासन को 30 सितंबर तक शहर में नशे के अवैध कारोबार को खत्म करने की डेडलाइन दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि डेडलाइन के बाद यदि किसी इलाके में नशे की बिक्री जारी मिली तो संबंधित एसएचओ और फील्ड स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी। बड़े सप्लायरों पर कार्रवाई कब?
पुलिस की ओर से रोजाना अलग-अलग थाना क्षेत्रों में नशे के साथ आरोपियों को पकड़े जाने की जानकारी दी जा रही है। डीजीपी डॉ. सागरप्रीत हुड्डा, एसएसपी कंवरदीप कौर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लोगों के बीच जाकर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। पुलिस लोगों से नशे से जुड़े मामलों की जानकारी देने और सहयोग की अपील कर रही है। 9 दिन में 570 ग्राम से ज्यादा हेरोइन बरामद
कार्रवाई में 570.722 ग्राम हेरोइन, 4 ग्राम आइस, 1.191 किलोग्राम गांजा, 15 नशीले इंजेक्शन और 12 कमानीदार चाकू बरामद किए गए। पुलिस ने हुक्का और उससे संबंधित सामान भी बरामद किया है। 19 सितंबर को पुलिस ने 11 एफआईआर दर्ज कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान करीब 30 ग्राम हेरोइन और दो कमानीदार चाकू बरामद किए गए। अलग-अलग चेकिंग और तलाशी अभियानों में 23 लोगों को हिरासत में लिया गया। नशे से जुड़े आरोपी जेल पहुंचे
पुलिस कार्रवाई के बाद बुड़ैल जेल में भी नशे के आदी आरोपियों की संख्या बढ़ी है। कैदियों की नशे की आदत और उनकी स्थिति के अनुसार निगरानी की जा रही है। नशे की लत लंबे समय से होने या हाल में शुरू होने के आधार पर उनकी स्थिति का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद डॉक्टरों की निगरानी में जरूरत के अनुसार दवाएं दी जा रही हैं। डी-एडिक्शन सेंटरों से भी संपर्क
नशे के आदी लोगों के इलाज और नशामुक्ति के लिए पीजीआई, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में डी-एडिक्शन सेंटर हैं। शहर और आसपास निजी डी-एडिक्शन सेंटर भी चल रहे हैं। पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से नशे के आदी लोगों के इलाज और पुनर्वास को लेकर इन केंद्रों से भी संपर्क किया जा रहा है। आंकड़ा बढ़ रहा, लेकिन सप्लाई लाइन की जांच अहम
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से 11 दिनों में 119 एफआईआर और 120 गिरफ्तारियों का आंकड़ा अभियान की तेज कार्रवाई दिखाता है। 30 सितंबर की डेडलाइन से पहले पुलिस के सामने केवल नशा करने वालों या छोटे स्तर के आरोपियों को पकड़ने की चुनौती नहीं है।



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