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यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को देखते हुए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पार्सल के लिए अंडरपास बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अंडरपास बनने के बाद स्टेशन पर पार्सल की आवाजाही आसान होगी और कर्मचारियों को रेलवे ट्रैक पार करने के जोखिम से राहत मिलेगी। कर्मचारियों को पार्सल ट्रेन तक सामान पहुंचाने के लिए रेलवे की पटरियां पार करनी पड़ती हैं। भारी कार्टन और मोटरसाइकिल लेकर ट्रैक पार करने में अधिक मेहनत लगती है। कई बार सामान ट्रैक पर फंसने की स्थिति भी बन जाती है। दो ट्रेनों के बीच से पार्सल निकालकर ले जाने के कारण हादसे का खतरा भी बना रहता है। स्टेशन पर काम करने वाली कूरियर कंपनियां इस समस्या को लेकर कई बार अंबाला मंडल को पत्र लिखकर अंडरपास बनाने की मांग कर चुकी हैं। रोजाना 600 कार्टन और 10 मोटरसाइकिल की बुकिंग
स्टेशन पर रोजाना करीब 600 कार्टन और लगभग 10 मोटरसाइकिल पार्सल के रूप में आती-जाती हैं। ऑनलाइन शॉपिंग और व्यापारिक सामान की आवाजाही बढ़ने के कारण पार्सल की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे कर्मचारियों पर काम का दबाव भी बढ़ रहा है। अंडरपास बनने के बाद प्लेटफॉर्म से पार्सल कार्यालय तक सामान पहुंचाने के लिए कर्मचारियों को रेलवे ट्रैक पार नहीं करना पड़ेगा। भारी पार्सल और मोटरसाइकिलों को ट्रॉली के माध्यम से आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकेगा। इससे पार्सल की लोडिंग और अनलोडिंग की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है। एस्टीमेट तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया होगी। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रयास है कि औपचारिकताएं पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। अंडरपास बनने से स्टेशन की पार्सल हैंडलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पार्सल के लिए बनेगा अंडरपास:पटरी क्रास करते समय नहीं उठाना होगा जोखिम; कोरियर कंपनियां कई बार कर चुकी थी मांग
