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झुमरीतिलैया नगर परिषद के नाम पर वाहनों से अवैध चुंगी वसूली के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में भरत रजक और अनिल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि दोनों महाराणा प्रताप चौक, सुभाष चौक और बाजार समिति के पास रात के समय छोटे-बड़े वाहनों को रोककर 50 से 600 रुपए तक वसूलते थे। शिकायतों के अनुसार, इस तरह रोजाना 20 हजार रुपए से अधिक की वसूली की जा रही थी। एसपी कुमार शिवाशीष के निर्देश पर तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। दोनों के घरों पर छापेमारी के दौरान झुमरीतिलैया नगर परिषद की बड़ी संख्या में चुंगी रसीदें बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार, बरामद रसीदों पर नगर प्रशासक के हस्ताक्षर भी हैं। इसके बाद अवैध वसूली का मामला सामने आया। हर सप्ताह 20-25 हजार रुपए खाते में भेजने का आरोप पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों के मोबाइल और यूपीआई लेन-देन की जांच की। इसमें प्रत्येक सप्ताह 20 से 25 हजार रुपए नगर परिषद के राजस्व निरीक्षक अभिषेक कुमार मेहता के खाते में भेजे जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है। वहीं, कांग्रेस नेता सईद नसीम ने एक लिखित प्रति दिखाते हुए आरोप लगाया कि अनिल यादव और भरत रजक द्वारा हर सप्ताह अवैध वसूली के 15 हजार रुपए अभिषेक मेहता तक पहुंचाए जाते थे। नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने कहा कि अवैध वसूली की सूचना मिलने के बाद कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखकर जांच की मांग की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद स्तर पर अपने कर्मी को बचाने का प्रयास किया गया। पूर्व अध्यक्ष प्रकाश राम ने भी कहा कि गिरफ्तार दोनों लोग दैनिक मजदूरी करने वाले हैं और राजस्व निरीक्षक के इशारे पर वसूली करते थे। उनके अनुसार, बरामद रसीदें राजस्व निरीक्षक के नाम से निर्गत हैं। ऐसे में पुलिस को मिले साक्ष्यों के बावजूद राजस्व निरीक्षक पर कार्रवाई नहीं होना सवाल खड़े करता है। नगर परिषद ने बनाई विशेष कमेटी मामला सामने आने के बाद नगर परिषद के राजस्व निरीक्षक शंभू रजक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष कमेटी गठित कर जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस को भी अवैध वसूली के इस नेटवर्क में और लोगों के शामिल होने की आशंका है। इधर, नगर परिषद अध्यक्ष ने उपायुक्त से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करने की बात कही है। पूर्व अध्यक्ष ने भी पूरे मामले में राजस्व निरीक्षक समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है। आरोपों के घेरे में आए अभिषेक मेहता करीब दो वर्ष पूर्व जेएसएससी के माध्यम से चयनित हुए थे और वर्तमान में झुमरीतिलैया नगर परिषद में कार्यरत हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि अवैध वसूली की पूरी रकम कहां जाती थी और इसमें नगर परिषद के किन-किन लोगों की भूमिका थी।
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झुमरीतिलैया में अवैध चुंगी वसूली का खुलासा:रात में वाहनों से 50 से 600 रुपए तक वसूली, रोजाना 20 हजार से अधिक जुटाने का आरोप
