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जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने रविवार शाम सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। जेपीएससी – जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले शाम 7 बजे छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से पैदल मार्च करते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री इस्तीफा दो’ और ‘राहुल गांधी-तेजस्वी यादव समर्थन वापस लो’ जैसे नारे लगाए। छात्रों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी करने में सक्षम नहीं है तो उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। पुतला दहन से पहले एसडीओ और एडीएम स्टेडियम पहुंचे और छात्रों को पुतला दहन नहीं करने के लिए समझाया। हालांकि, छात्रों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने और इसे और तेज करने का ऐलान किया। छात्र बोले- मांगें मानिए, नहीं तो 20 को सीएम आवास घेरेंगे पुतला दहन के बाद छात्र ने मुंडवाया सिर : नेताओं के पुतला दहन के दौरान एक प्रदर्शनकारी छात्र बाहा लिंडा ने विरोध स्वरूप अपना मुंडन कराया और नेताओं का प्रतीकात्मक ‘अंतिम संस्कार’ करने की बात कही। बाहा ने कहा कि मैं राहुल गांधी और हेमंत सोरेन का छोटा भाई हूं। उनके अंतिम संस्कार के लिए तन-मन-धन समर्पित करना मेरा फर्ज है। जेपीएससी-जेएसएससी में कथित गड़बड़ियों, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार रात सरकार ने एक बार फिर वार्ता का न्योता दिया। शाम 8:16 बजे एसडीएम कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार आंदोलन स्थल पहुंचे। उन्होंने छात्रों को बताया कि सरकार का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को वार्ता के लिए तैयार है। प्रशासन की गाड़ी दोपहर 12:30 बजे आंदोलन स्थल पहुंचेगी और दोपहर 2 बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता होगी। यह तीसरी बार है जब सरकार का प्रतिनिधिमंडल छात्रों से वार्ता करेगा। एसडीएम ने कहा कि छात्र चाहें तो दो-तीन विधिक सलाहकारों को भी साथ ले जा सकते हैं। रिफॉर्म मंच ने कहा- बरगलाने की कोशिश न हो, मांगों पर फैसला चाहिए जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रवक्ता रवींद्र पासवान ने कहा कि वार्ता के लिए दरवाजा हमेशा खुला है, लेकिन सरकार छात्रों को समझाने या बरगलाने की कोशिश न करे। मांगों पर 10-15 मिनट में निर्णय हो सकता है। मुख्यमंत्री भी वार्ता में शामिल हों तो बेहतर होगा। पासवान ने आरोप लगाया कि सरकार मंच को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। वार्ता सकारात्मक रही और मांगें मानी गईं तो आंदोलन खत्म कर दिया जाएगा, अन्यथा 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम है और 20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव किया जाएगा।
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छात्रों ने कहा, सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं:रिफॉर्म मंच ने सीएम हेमंत, राहुल गांधी और राजद प्रमुख तेजस्वी का पुतला फूंका…
