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जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज ने सिख समाज में युवाओं के विवाह और परिवार को लेकर अहम संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जो युवक-युवतियां 30 साल से अधिक उम्र के हो चुके हैं, उनके विवाह के लिए परिवारों को पहल करनी चाहिए और अच्छे रिश्ते करवाने चाहिए। रिश्ते करवाने में झिझक न करें परिवार जत्थेदार ने कहा कि रिश्ते करवाने में किसी तरह की रोक-टोक या अनावश्यक झिझक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के मामले में जरूरत से ज्यादा संकोच नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पंथक मुद्दा भी है। उन्होंने सिख परिवारों में अधिक बच्चे होने की बात पर जोर देते हुए कहा कि कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए, जबकि इससे अधिक बच्चों को लेकर गुरु की मर्जी सर्वोपरि है। उन्होंने साफ कहा कि ज्यादा बच्चे होना शर्म या संकोच की बात नहीं है। भाई मनी सिंह के परिवार की दी मिसाल अपने संदेश में जत्थेदार ने भाई मनी सिंह और उनके परिवार का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि भाई मनी सिंह 12 भाइयों में से एक थे। इनमें से एक ने बचपन में ही देह त्याग दी, जबकि 11 भाई शहीद हुए। उन्होंने कहा कि आज हम उन्हीं शहीदों के वारिस हैं और हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को भी उसी विरासत से जोड़ना चाहिए। चढ़दी कला में आगे बढ़ने का दिया संदेश जत्थेदार ने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को गुरु के साथ जोड़ें, धर्म और गुरबाणी से जोड़ें। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज को मिल-जुलकर रहना चाहिए तथा हमेशा चढ़दी कला में रहकर आगे बढ़ना चाहिए। जत्थेदार का यह संदेश मुख्य रूप से सिख समाज में विवाह की उम्र, परिवार को मजबूत करने, बच्चों की संख्या बढ़ाने और नई पीढ़ी को धर्म एवं गुरबाणी से जोड़ने पर केंद्रित रहा।
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जत्थेदार बोले- 30 प्लस युवाओं का विवाह कराएं:रिश्ते करवाएं, हर दंपती को कम से कम तीन बच्चे हों, बच्चों को गुरु से जोड़ें
