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आपने अपने तकिए का कवर, बेडशीट या बाथ टॉवल कितने दिन पहले धोया था? घर में मौजूद ये चीजें सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती हैं। लेकिन इनकी सफाई हम उतनी फ्रीक्वेंटली नहीं करते, जितना जरूरी है। नतीजा यह होता है कि अक्सर इनमें बैक्टीरिया, फंगस, डस्ट माइट्स और दूसरे जर्म्स पनपने लगते हैं। अमेरिका के मैट्रेस ब्रांड ‘अमेरिस्लीप’ की रिसर्च के मुताबिक, एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बिना धुले इस्तेमाल किए गए पिलो कवर पर प्रति वर्ग इंच 30 लाख तक बैक्टीरिया (CFUs) जमा हो जाते हैं। यह संख्या टॉयलेट सीट पर मौजूद बैक्टीरिया से करीब 17 हजार गुना ज्यादा है। वहीं गंदी बेडशीट में बाथरूम के दरवाजे के हैंडल की तुलना में करीब 24 हजार गुना ज्यादा बैक्टीरिया हो सकते हैं। ये बैक्टीरिया कई तरह की स्किन प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ाते हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात करेंगे कि घर में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग कपड़े कितने दिनों में धोने चाहिए। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. बॉबी दीवान, सीनियर फिजिशियन, दिल्ली सवाल- क्या घर में इस्तेमाल होने वाले कपड़े भी बीमारियों की वजह बन सकते हैं? जवाब- हां, अगर घर में यूज होने वाले कपड़ों की रेगुलर सफाई न की जाए तो इनसे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। दरअसल- सवाल- किन घरेलू कपड़ों में सबसे ज्यादा जर्म्स पनपते हैं? जवाब- जो घरेलू कपड़े रेगुलर इस्तेमाल होते हैं, उनमें जर्म्स तेजी से पनपते हैं। इनमें बाथ टॉवल, किचन क्लॉथ, पिलो कवर और बेडशीट शामिल हैं। किन घरेलू कपड़ों में जर्म्स पनपने का रिस्क ज्यादा होता है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- इन कपड़ों में किस तरह के जर्म्स पनप सकते हैं? जवाब- गंदे घरेलू कपड़ों में नमी, गंदगी और धूल जमा होने पर कई तरह के जर्म्स और एलर्जन्स पनप सकते हैं, जैसेकि- सवाल- इन जर्म्स से कौन-सी बीमारियों का रिस्क हो सकता है? जवाब- गंदे घरेलू कपड़ों में मौजूद जर्म्स और एलर्जन्स कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क बढ़ाते हैं, जैसेकि- सवाल- कौन-से संकेत बताते हैं कि अब कपड़ा धोना जरूरी है? जवाब- अगर कपड़े पर दाग, गंदगी, नमी दिख रही है या उससे स्मेल आ रही है तो साफ संकेत है कि उसे धोने की जरूरत है। लेकिन ऐसा कोई भी संकेत बताना बहुत अजीब होगा। असली बात यह है कि हमें किसी संकेत का इंतजार नहीं करना चाहिए। जो कपड़ा रेगुलर इस्तेमाल होता है, उसे तय वॉशिंग शेड्यूल के अनुसार धोना जरूरी है, क्योंकि उसमें जमा गंदगी और कीटाणु हमें दिखाई नहीं देते। सवाल- घर में इस्तेमाल होने वाले किस कपड़े को कितने दिन में धोना चाहिए? जवाब- यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनका इस्तेमाल कितनी बार होता है और वे नमी के संपर्क में कितना रहते हैं। इसलिए हर कपड़े के लिए अलग वॉशिंग शेड्यूल फॉलो करना चाहिए। इसे नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या साफ दिखने वाला कपड़ा भी गंदा हो सकता है? जवाब- हां, कपड़े का साफ दिखना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह वास्तव में साफ भी है। बैक्टीरिया, डस्ट माइट्स, पसीना और डेड स्किन सेल्स आंखों से दिखाई नहीं देते। ये धीरे-धीरे कपड़ों में जमा होते रहते हैं। सवाल- कपड़ों को जर्म्स से बचाने के लिए क्या करें? जवाब- घरेलू कपड़ों की रेगुलर सफाई से उनमें जर्म्स का रिस्क काफी कम होता है। घरेलू कपड़ों को जर्म्स-फ्री रखने के आसान तरीके ग्राफिक में देखिए- घरेलू कपड़ों से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या एक ही कपड़े से बर्तन और किचन स्लैब साफ करना सही है? जवाब- नहीं, बर्तन और किचन स्लैब के लिए अलग-अलग कपड़े इस्तेमाल करें, ताकि क्रॉस-कंटैमिनेशन का रिस्क न रहे। सवाल- बेडशीट और पिलो कवर कितने दिन में बदलने चाहिए? जवाब- बेडशीट को सप्ताह में कम-से-कम एक बार और पिलो कवर को हर 3-7 दिन में बदलना बेहतर माना जाता है। अगर एलर्जी है, बीमार हैं या पालतू जानवर बिस्तर पर आते हैं, तो इन्हें जल्दी बदलना चाहिए। सवाल- क्या सफाई वाले सभी कपड़ों को वॉशिंग मशीन में एक साथ धोना सही है? जवाब- नहीं, किचन क्लॉथ, बर्तन पोंछने के कपड़े और टॉवल को अलग–अलग ही धोना चाहिए। इन्हें पहनने वाले कपड़ों या बेडशीट और पिलो कवर के साथ भी नहीं धोना चाहिए। डोरमैट को तो एकदम अलग से धोना चाहिए। डोरमैट के साथ सिर्फ अन्य डोरमैट्स ही धोएं। सवाल- क्या कपड़ों को धूप में सुखाने से जर्म्स कम होते हैं? जवाब- हां, धूप की अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणें कुछ बैक्टीरिया और फंगस की संख्या कम कर सकती हैं। हालांकि सिर्फ धूप में रखना पर्याप्त नहीं है। पहले कपड़ों को अच्छी तरह धोना जरूरी है। सवाल- क्या घरेलू कपड़ों को गर्म पानी से धोने पर जर्म्स खत्म हो जाते हैं? जवाब- गर्म पानी कई तरह के बैक्टीरिया, फंगस और धूल के कणों को कम करने में मदद करता है। लेकिन सिर्फ गर्म पानी से सभी जर्म्स पूरी तरह खत्म नहीं होते। जर्म्स को प्रभावी ढंग से हटाने के लिए कपड़े को डिटर्जेंट से अच्छी तरह धोना और धूप में सुखाना जरूरी है। *************** ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा ………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- सेहत का हाल बताती है आपकी चाल: डॉक्टर से समझें वॉकिंग स्पीड का साइंस, रोज वॉक करने के 6 जादुई फायदे चलने की स्पीड सिर्फ एक आदत नहीं है। ये हमारी सेहत का आईना भी है। हम अक्सर इस पर ध्यान नहीं देते, लेकिन डॉक्टर इसे ‘हेल्थ सिग्नल’ के रूप में देखते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चलने की गति हमारे दिल, दिमाग, फेफड़ों, मांसपेशियों और उम्र बढ़ने की रफ्तार तक के बारे में संकेत देती है। पूरी खबर पढ़िए…
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जरूरत की खबर- टॉयलेट सीट से गंदा पिलो कवर, बेडशीट:हो सकते हैं 17 हजार से ज्यादा जर्म्स, जानें घरेलू कपड़ों को कितने दिन में धोएं
