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11 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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हाल के दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों से ‘स्क्रब टाइफस’ के कई मामले दर्ज किए गए हैं। स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो संक्रमित चिगर के काटने से होता है। चिगर घास-झाड़ियों वाले इलाकों में पाया जाने वाला एक छोटा कीड़ा होता है।
‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, दुनिया में हर साल करीब 10 लाख लोग स्क्रब टाइफस से संक्रमित होते हैं। शुरुआत में स्क्रब टाइफस के लक्षण सामान्य वायरल या डेंगू जैसे लग सकते हैं। लेकिन इलाज में देरी होने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में स्क्रब टाइफस के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में स्क्रब टाइफस के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- स्क्रब टाइफस के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
- यह संक्रमण कैसे फैलता है?
- स्क्रब टाइफस से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
एक्सपर्ट- डॉ. आशीष मेहरोत्रा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर
आगे बढ़ने से पहले आइए देश के अलग-अलग राज्यों में फैल रहे स्क्रब टाइफस के आंकड़ों पर एक नजर डाल लेते हैं।

सवाल- स्क्रब टाइफस क्या है और यह क्यों होता है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है।
- यह ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी (Orientia tsutsugamushi) नाम के बैक्टीरिया से होता है।
- यह बैक्टीरिया संक्रमित चिगर्स के काटने से इंसानों में फैलता है।
- चिगर्स, माइट्स के बेहद छोटे लार्वा होते हैं, जिन्हें आंखों से देखना मुश्किल होता है।
- जब संक्रमित चिगर किसी व्यक्ति को काटता है, तो बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाता है।
सवाल- यह बीमारी किन इलाकों में ज्यादा देखने को मिलती है?
जवाब- स्क्रब टाइफस बीमारी आमतौर पर घास, झाड़ियों, खेतों और जंगल जैसे इलाकों में ज्यादा होती है। किन जगहों पर इसका रिस्क ज्यादा होता है, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- यह बैक्टीरिया इंसानों तक कैसे पहुंचता है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- संक्रमित चिगर व्यक्ति की स्किन से चिपकता है।
- इसी दौरान उसके शरीर में मौजूद बैक्टीरिया स्किन के संपर्क में आ जाता है और संक्रमण फैलने लगता है।
- चिगर बेहद छोटे होते हैं। इसलिए कई बार उनके काटने का पता नहीं चलता।
सवाल- स्क्रब टाइफस के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
जवाब- इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या इसके अलावा कोई और लक्षण है, जो सिर्फ इस बैक्टीरिया के काटने पर दिखता है?
जवाब- इसके अलावा एक खास संकेत भी है- ‘एस्चर’ यानी पपड़ी। जिस जगह पर संक्रमित चिगर ने काटा हो, वहां काले रंग की पपड़ी या घाव जैसा निशान बन सकता है। हालांकि, हर मरीज में एस्चर दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है।
सवाल- अगर एस्चर या पपड़ी न हो तो कैसे पता चलेगा कि यह स्क्रब टाइफस है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- आप पिछले दिनों किसी पहाड़ी जगह, रेन फॉरेस्ट में या मानसून और नमी वाली जगह पर गए हैं।
- वहां आपको किसी कीड़े ने काटा। या आपको पता नहीं है कि आपको किसी कीड़े ने काटा है।
- लेकिन वहां से लौटने के एक-दो हफ्ते बाद आपको तेज बुखार हो रहा है।
- ऐसे में बुखार को मामूली वायरल समझकर इग्नोर न करें। डॉक्टर को दिखाएं और उन्हें अपनी पूरी ट्रैवल हिस्ट्री बताएं।
सवाल- डॉक्टर स्क्रब टाइफस का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट करते हैं?
जवाब- स्क्रब टाइफस की जांच के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षण और मेडिकल हिस्ट्री देखने के साथ कुछ ब्लड टेस्ट करा सकते हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए-
IgM ELISA (एंजाइम-लिंक्ड इम्यूनोसॉरबेंट एसे) टेस्ट: स्क्रब टाइफस के खिलाफ बनी IgM (इम्युनोग्लोबुलिन एम) एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए किया जाता है।
IFA (इम्यूनोफ्लोरोसेंट एसे) टेस्ट: स्क्रब टाइफस की एंटीबॉडी की जांच करता है और इसे रेफरेंस स्टैंडर्ड माना जाता है।
PCR (पॉलीमरेज चेन रिएक्शन) टेस्ट: ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी के जेनेटिक मटेरियल की पहचान करता है। यह बीमारी के शुरुआती चरण में खासतौर पर उपयोगी हो सकता है।
CBC (कंप्लीट ब्लड काउंट), लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट: डॉक्टर संक्रमण की गंभीरता का पता लगाने के लिए ये टेस्ट भी करा सकते हैं।
केवल एक टेस्ट से बीमारी का पता नहीं चलता। डॉक्टर लक्षण, बीमारी की अवधि और टेस्ट रिपोर्ट को देखकर इसकी पुष्टि करते हैं।
सवाल- अगर समय पर इलाज न मिले तो क्या स्क्रब टाइफस खतरनाक हो सकता है?
जवाब- ‘यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ के मुताबिक, समय पर इलाज न मिलने पर स्क्रब टाइफस गंभीर हो सकता है। इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- इलाज में देरी होने पर संक्रमण शरीर के कई ऑर्गन्स को प्रभावित कर सकता है।
- गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में परेशानी और ब्रेन में सूजन (एन्सेफलाइटिस) जैसे कॉम्प्लिकेशंस हो सकते हैं।
- संक्रमण का असर लंग्स, लिवर और किडनी पर भी पड़ सकता है।
- कुछ गंभीर मरीजों में ब्लड प्रेशर बहुत कम होने (शॉक) और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर का रिस्क हो सकता है।

सवाल- स्क्रब टाइफस का इलाज क्या है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- डॉक्टर आमतौर पर इसके इलाज के लिए एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं।
- गंभीर संक्रमण में ऑक्सीजन, IV फ्लूइड और अन्य सपोर्टिव ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है।
ध्यान रखें, बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक शुरू या बंद न करें।
सवाल- इलाज शुरू होने के बाद कितने समय में लक्षणों में सुधार आता है?
जवाब- आमतौर पर 24-48 घंटे में बुखार और दूसरे लक्षणों में सुधार दिखने लगता है। हालांकि, पूरी तरह ठीक होने में 3-7 दिन लग सकते हैं।
सवाल- स्क्रब टाइफस का रिस्क किन लोगों को ज्यादा होता है?
जवाब- इसका रिस्क किसी खास व्यक्ति को नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति को हो सकता है, जो किसी भी कारण से संक्रमित चिगर के संपर्क में आया हो। डिटेल ग्राफिक में देखिए–

सवाल- स्क्रब टाइफस से बचने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं?
जवाब- इससे बचाव का सबसे जरूरी तरीका संक्रमित चिगर माइट के संपर्क से बचना है। खासकर घास, झाड़ियों और घनी वनस्पति वाले इलाकों में जाते समय शरीर को ढककर रखें। साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखें-

सवाल- स्क्रब टाइफस में मरीज की डाइट कैसी होनी चाहिए?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- पानी, सूप, नारियल पानी जैसे लिक्विड लें।
- दाल, खिचड़ी, चावल, रोटी जैसे सुपाच्य चीजें लें।
- डाइट में फल-सब्जियां शामिल करें।
- पर्याप्त प्रोटीन लें।
- बहुत तला-भुना और मसालेदार खाना न खाएं।
स्क्रब टाइफस से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब
सवाल- क्या स्क्रब टाइफस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है?
जवाब- नहीं, यह आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।
सवाल- क्या पालतू जानवरों से स्क्रब टाइफस फैल सकता है?
जवाब- नहीं, स्क्रब टाइफस पालतू जानवरों से सीधे तौर पर इंसानों में नहीं फैलता है। लेकिन ये जानवर संक्रमण का एक अप्रत्यक्ष माध्यम बन सकते हैं।
सवाल- क्या स्क्रब टाइफस दोबारा हो सकता है?
जवाब- हां, दोबारा संक्रमण संभव है, क्योंकि बैक्टीरिया के अलग-अलग स्ट्रेन से दोबारा संक्रमण हो सकता है।
सवाल- क्या स्क्रब टाइफस जानलेवा हो सकता है?
जवाब- हां, समय पर इलाज न मिलने पर ऑर्गन फेल्योर का रिस्क होता है।
सवाल- क्या स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए कोई वैक्सीन है?
जवाब- फिलहाल स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
सवाल- क्या तेज बुखार में खुद से एंटीबायोटिक लेना सही है?
जवाब- नहीं, तेज बुखार के कई कारण हो सकते हैं। एंटीबायोटिक डॉक्टर की सलाह और सही जांच के आधार पर ही लें।
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ग्राफिक्स- विपुल शर्मा
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