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जर्जर हॉस्टलों की समस्या, 100 छात्र कलेक्ट्रेट पहुंचे:छत का प्लास्टर गिरने से हादसे का डर, नागझिरी हॉस्टल का निर्माण अटका, नए भवन और मरम्मत की मांग




उज्जैन में जर्जर छात्रावास भवनों की समस्या को लेकर सोमवार को करीब 100 आदिवासी छात्र कोठी रोड स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचे। नागझिरी और नानाखेड़ा/आगर रोड क्षेत्र के शासकीय आदिवासी बालक पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों में रहने वाले छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर नए भवन निर्माण, पुराने भवन की मरम्मत और छात्रावास की क्षमता बढ़ाने की मांग की। छात्र जर्जर भवनों के फोटो भी साथ लेकर पहुंचे और अधिकारियों को स्थिति दिखाई। छत का प्लास्टर गिरने से डर छात्रों ने बताया कि आगर रोड स्थित छात्रावास का भवन काफी समय से जर्जर है। पिछले कुछ महीनों में छत का प्लास्टर 2-3 बार गिर चुका है। बरसात में छत से पानी टपकता है और भवन की हालत लगातार खराब हो रही है। छात्रों का कहना है कि ऐसी स्थिति में उन्हें हादसे का डर बना रहता है और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। विभाग को कई बार समस्या बताने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। नागझिरी हॉस्टल में 28 बेड ज्ञापन में नागझिरी स्थित शासकीय आदिवासी बालक महाविद्यालयीन छात्रावास की समस्या भी बताई गई। छात्रों के अनुसार यह छात्रावास वर्ष 2008-09 से निजी भवन में संचालित हो रहा है। यहां वर्तमान में केवल 28 बेड और 6 शौचालय हैं। ग्रंथालय, भोजन कक्ष और खेल गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। छात्रों ने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय परिसर या उससे 3 किमी की परिधि में नया भवन बनाने के लिए जमीन आवंटित करने की मांग की है। साथ ही सीट क्षमता 50 से बढ़ाकर 100 करने की मांग रखी। चार करोड़ की राशि, जमीन की प्रक्रिया अटकी छात्र कमल मुवेल ने बताया कि नागझिरी छात्रावास के नए भवन की स्वीकृति और करीब 4 करोड़ रुपए की राशि होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन जमीन और निर्माण की प्रक्रिया अब तक आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने कहा कि छात्र करीब डेढ़ साल पहले भी समस्या लेकर पहुंचे थे, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने छात्रों को आश्वासन दिया कि वे दो दिन में छात्रावासों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और भवन की स्थिति देखेंगे।



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