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सागर जिले के बंडा इलाके में जहरीली शराब से हुई मौतों के विरोध में टीकमगढ़ में गुरुवार रात मौन जुलूस निकाला गया। गांधी चौराहे पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव समेत लोगों ने कैंडल मार्च निकाला और दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा में पूर्व विधायक ने कहा कि मामले की जांच सिर्फ शराब बेचने वालों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अगर इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों को इसकी जानकारी थी, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। पूर्व विधायक बोले- जिम्मेदारों की भूमिका भी जांचें केके श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से घटना के सभी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस इलाके में अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, वहां तैनात अधिकारी, पुलिसकर्मी, पटवारी, सरपंच और सचिव को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को अवैध शराब के कारोबार की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अवैध शराब का नेटवर्क किसके संरक्षण में चला, जांच की मांग पूर्व विधायक ने कहा कि जांच में यह भी सामने आना चाहिए कि अवैध शराब के कारोबार को कौन संरक्षण दे रहा था। उन्होंने मांग की कि किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों ने शराब से दूर रहने की अपील की गांधी चौराहे पर मौजूद लोगों ने जहरीली शराब से हुई मौतों पर नाराजगी जताई। प्रदीप खरे ने कहा कि शराब की वजह से परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने शराब पीने वालों से इसे छोड़ने और परिवार व समाज को सुरक्षित रखने की अपील की।
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जहरीली शराब कांड पर टीकमगढ़ में मौन जुलूस:गांधी चौराहे पर नुक्कड़ सभा, पूर्व विधायक बोले- सिर्फ शराब माफिया नहीं, पूरा सिस्टम कटघरे में
