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टांडा मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल से कूदी युवती:जहर खाने के बाद अस्पताल में भर्ती थी, इलाज के बाद सुबह कर ली आत्महत्या




हिमाचल प्रदेश के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (टांडा) में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भवारना थाना क्षेत्र की रहने वाली 27 वर्षीय युवती ने अस्पताल की चौथी मंजिल की खिड़की से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। खास बात यह है कि युवती को एक दिन पहले ही जहर खाने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली थी, लेकिन अगले ही दिन उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि युवती को मंगलवार शाम जहर निगलने के बाद अस्पताल लाया गया था। उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी, जिसके चलते उसे पूरी रात आईसीयू (ICU) में रखकर डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में इलाज दिया गया। लगातार उपचार के बाद उसकी तबीयत में सुधार होना शुरू हो गया था। हालत स्थिर होने पर जनरल वार्ड में किया गया था भर्ती बुधवार सुबह करीब पांच बजे जब युवती की हालत पूरी तरह स्थिर हो गई, तो उसे आईसीयू से मेडिसिन विभाग के जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान वह अचानक अस्पताल के स्टाफ और अपने परिजनों को चकमा देकर वहां से भागी और चौथी मंजिल की खिड़की से नीचे छलांग लगा दी। अत्यधिक ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंची। डीएसपी कांगड़ा राजेश शर्मा ने बताया कि टांडा पुलिस से सूचना मिलने पर वे खुद घटनास्थल पर पहुंचे थे। युवती के शव को अपने कब्जे में लेकर टांडा अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवाया गया। चूंकि यह पूरा मामला धीरा पुलिस चौकी के अंतर्गत आता है, इसलिए धीरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल पुलिस अब इस पहलू से भी गहराई से जांच कर रही है कि आखिर युवती ने किन पारिवारिक या व्यक्तिगत कारणों के चलते पहले जहर खाया था और फिर अस्पताल में इस तरह अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस अप्रिय घटना के बाद एक बार फिर टांडा मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि करीब 7-8 साल पहले भी एक मरीज ने इसी अस्पताल की चौथी मंजिल के बरामदे से कूदकर आत्महत्या की थी, जिसके बाद प्रशासन ने बरामदों और बालकनी में सुरक्षा के लिहाज से लोहे की जालियां लगवा दी थीं। हालांकि, अस्पताल के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी मरीज ने बरामदे की जगह खिड़की से कूदकर अपनी जान दी है।



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