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टीचर मनीषा केस में CBI जांच पूरी, क्लोजर रिपोर्ट दाखिल:मौत के ठीक एक साल बाद फाइल बंद, पिता बोले- रिपोर्ट अभी नहीं मिली




भिवानी की टीचर मनीषा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच पूरी कर पंचकूला स्थित स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, CBI की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। CBI स्पेशल क्राइम-II, नई दिल्ली की ओर से शिकायतकर्ता संजय स्वामी को 10 अगस्त को भेजे पत्र में जांच पूरी होने और अंतिम रिपोर्ट अदालत में पेश किए जाने की सूचना दी गई है। CBI के मुताबिक, केस नंबर RC0502025S0010 और थाना लोहारू में दर्ज FIR नंबर 135/2025 की जांच पूरी हो चुकी है। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 193 के तहत अंतिम रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई। CBI की ओर से रिपोर्ट 12 अगस्त 2026 को अदालत के समक्ष पेश किए जाने की जानकारी दी गई थी। अब इस मामले में अदालत की आगे की प्रक्रिया अहम होगी। अदालत CBI की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद कानून के अनुसार आगामी निर्णय लेगी। पिता बोले- रिपोर्ट मिलने पर पता लगेगा मनीषा के पिता संजय ने कहा कि परिवार लंबे समय से बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि CBI की रिपोर्ट में क्या सामने आया है, यह अदालत में जाकर देखने के बाद ही पता चलेगा। इसके बाद रिपोर्ट गांव की कमेटी के सामने रखी जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। संजय ने कहा कि यदि रिपोर्ट से परिवार संतुष्ट नहीं हुआ तो जज साहब के सामने अर्जी लगाकर CBI की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करने की बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि यह उनकी बेटी के न्याय का सवाल है और वे आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे। मनीषा के दादा रामकिशन ने CBI की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि CBI केवल लीपापोती कर रही है। उन्होंने कहा कि परिवार को अब अपने समाज से ही न्याय की उम्मीद है।
13 अगस्त को खेत में मिला था शव मनीषा 11 अगस्त 2025 को अपनी ढाणी लक्ष्मण गांव से प्ले स्कूल में ड्यूटी के लिए निकली थी। इसके बाद उसने नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कही थी, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। 13 अगस्त 2025 को उसका शव सिंघानी गांव के खेतों में पड़ा मिला। परिवार ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। मामले में न्याय की मांग को लेकर लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने आत्महत्या बताया तो बढ़ा विरोध मामले में 18 अगस्त 2025 को पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया। इसके बाद लोगों का विरोध और तेज हो गया। परिवार और ग्रामीणों की मांग पर मनीषा का दिल्ली AIIMS में तीसरी बार पोस्टमॉर्टम कराया गया। बढ़ते विरोध और आंदोलन के बीच 26 अगस्त 2025 को मामले की जांच CBI को सौंप दी गई थी। करीब एक साल बाद CBI ने जांच पूरी कर अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। अब परिवार की नजर अदालत की अगली कार्रवाई पर है।



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