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धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार रात जंगल से निकले हाथियों के अलग-अलग दल खेतों और बस्तियों तक पहुंच गए। धरमजयगढ़ और कापू रेंज के कई गांवों में हाथियों ने धान की खड़ी फसल को रौंद दिया। रातभर हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बनी रही। अलग-अलग घटनाओं में 18 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा, जबकि तीन कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हुए। ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों के खेतों तक पहुंचने के बाद कई जगह लोग रातभर जागते रहे। ग्रामीणों ने शोर मचाया, लेकिन कई दल काफी देर तक आसपास ही डटे रहे। वन विभाग की टीम भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखती रही। कापू के दो बीट में 29 हाथियों का डेरा कापू रेंज में भी हाथियों की गतिविधि बढ़ी हुई है। अलोला बीट में 12 और पुटुकछार बीट में 17 हाथियों का दल मौजूद है। अलोला बीट के तालगांव में मंगलवार रात हाथियों ने तिहारू, घूर सिंह, समिति, लल्लू, बालेश्वर, फूलसिंह और सुलेशन के खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। धरमजयगढ़ में सबसे ज्यादा 170 हाथी, इनमें 27 शावक भी वन विभाग के अनुसार रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ और रायगढ़ वन मंडल में कुल 170 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 103 हाथी हैं। यहां 31 नर, 45 मादा और 27 शावक हैं। वहीं रायगढ़ वन मंडल में 67 हाथी हैं, जिनमें 18 नर, 38 मादा और 11 शावक शामिल हैं। जंगल से सटे इलाकों में हाथियों की संख्या अधिक होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। छह घंटे की मशक्कत के बाद गड्ढे से निकला हाथी का बच्चा, हथिनी ने पहरा देकर इंसानों को रोका सुंदरगढ़ सदर वन रेंज के सबडेगा ब्लॉक अंतर्गत हमीरपुर पंचायत के गोपपुर गांव के पास जंगल में गड्ढे में गिरे हाथी के बच्चे को वन विभाग ने करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जानकारी के अनुसार, बच्चा भोर के समय गहरे गड्ढे में गिर गया था। इस दौरान उसकी मां गड्ढे के आसपास मौजूद रही। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मां हाथी के आसपास मौजूद रहने के कारण बचाव अभियान सावधानी के साथ चलाया गया। वन विभाग की टीम ने छह घंटे की कार्रवाई के बाद हाथी के बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाल लिया।
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बस्तियों में पहुंचे हाथी, 18 किसानों का धान रौंदा:3 कच्चे मकान भी तोड़े, धरमजयगढ़-कापू रेंज में कई दलों का डेरा
