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टॉप-10 में 9 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा:बजाज फाइनेंस टॉप गेनर, वैल्यू ₹80,345 करोड़ बढ़ी; HUL की वैल्यू घटी




बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की शानदार रिकवरी से देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 2.51 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बेहतर वैश्विक सेंटिमेंट और पहली तिमाही (Q1 FY27) के मजबूत नतीजों की वजह से निवेशकों के भरोसे को मजबूती मिली। बाजार की इस तेजी में बजाज फाइनेंस सबसे बड़ा गेनर बनकर उभरा, जिसके मार्केट कैप में 80,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का इजाफा हुआ। वहीं दूसरी ओर टॉप 10 की लिस्ट में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसके वैल्युएशन में गिरावट दर्ज की गई। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है?



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